अजमेर

..तो इस डर से नहीं बुलाई यूजीसी टीम, वरना फिर होती किरकिरी

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Feb 09, 2019
clean and green campus
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अजमेर.

क्लीन-ग्रीन कैंपस अभियान के तहत इस बार महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में यूजीसी की टीम नहीं आई है। कुलपति की गैर मौजूदगी और पिछली बार रेटिंग में पिछडऩे के चलते विश्वविद्यालय ने इस ओर कदम बढ़ाना मुनासिब नहीं समझा है।

यूजीसी ने देश के सभी विश्वविद्यालयों को स्वच्छता और हरियाली के आधार पर रेटिंग देने की योजना है। इसमें केंद्रीय और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों, सरकारी और निजी कॉलेज को शामिल किया गया है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने साल 2017-18 में योजना में आवेदन किया था।

इसके तहत यूजीसी के उच्च स्तरीय दल ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। टीम ने महाराणा प्रताप भवन, चाणक्य भवन, कुलपति सचिवालय सहित विभिन्न भवनों और परिसर का दौरा किया। साथ ही कचरे का निष्पादन, हरियाली और अन्य बिन्दुओं को नोट किया।

नहीं मिली थी रैंकिंग

खुद को ग्रीन और क्लीन कैंपस बताने वाले विश्वविद्यालय को यूजीसी की टीम ने रैंकिंग नहीं दी थी। टीम ने कई बिन्दुओं पर विश्वविद्यालय को पिछड़ा माना था। राजस्थान से महज एक निजी संस्थान को रैंकिंग मिल पाई थी। कई विश्वविद्यालयों ने आवेदन भी नही किया था।

मौजूदा सत्र में नहीं आई टीम
इस बार क्लीन और ग्रीन कैंपस योजना में आवेदन और यूजीसी टीम बुलाने को लेकर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। अव्वल तो कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर रोक के चलते फैसला होना मुश्किल है। तिस पर योजना में आवेदन और पिछली बार मिले परिणाम को देखते हुए विश्वविद्यालय कोई पहल नहीं करना चाहता है। फिर भी कोई तैयारियां हुई तो इसका फैसला राजभवन स्तर से ही संभव है।

Published on:
09 Feb 2019 07:20 am