
अजमेर. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अजमेर के औद्योगिक घराने की हस्ती एवं कला, साहित्य के साथ कवि के रूप में पहचान बनाने वाले रामनिवास जाजू के भी कायल थे। उनका कवि प्रेम उन्हें मित्र के घर खींच लाया।
इस दौरान मेयो लिंक रोड स्थित जाजू के आवास पर चाय एवं भोजन के लिए वाजपेयी पहुंचे तो परिजन से न केवल आत्मीयता से मिले बल्कि कविताओं का दौर भी चला। वाजपेयी ने 6 अक्टूबर 2002 में नई दिल्ली से पत्र लिखकर जाजू के उत्तरोत्तर प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं।
अजमेर आगमन पर वाजपेयी उनके मित्र एवं औद्योगिक क्षेत्र में जानी मानी हस्ती जाजू के परिजन से बड़ी आत्मीयता से मिले। जाजू की बेटी प्रतिभा बताती हैं कि प्रधानमंत्री बनने के बाद जब दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर वे पिता के साथ पहुंची तो वाजपेयी ने कविता सुनाने को कहा, बाद में तारीफ भी की।
भावुक हो गए जाजू, पूछा तो अटल जी का पत्र भेज दिया
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी से आत्मीयता इतनी थी कि जाजू उनके बारे में कुछ बोल नहीं पाए। उन्होंने 6 अक्टूबर 2002 को वाजपेयी की ओर से पोस्ट किया गया पत्र भेज दिया। वाजपेयी ने पत्र में लिखा कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी रामनिवास जाजू औद्योगिक क्षेत्र में एक जानी-मानी हस्ती तो हैं ही उन्होंने कला, साहित्य और संस्कृति के विविध आयामों पर भी अपने आपको एक विख्यात कवि के रूप में प्रतिष्ठित किया है।
व्यवसायी होने के नाते काव्य के प्रति उनका अनुराग, उनको विलक्षण प्रतिभा और सृजनात्मकता क्षमता को प्रदर्शित करता है। उनकी न केवल आंतरिक और बाह्य अनुभूतियां बल्कि औद्योगिक एवं आर्थिक जगत तथा तात्कालिक एवं राजनीतिक स्थितियां भी उनकी कविताओं के रूप में उभरी हैं। वाजपेयी ने काव्य के क्षेत्र में जाजू के उत्तरोत्तर प्रगति के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
चुनाव नजदीक देखे तो बीजेपी को याद आई इनकी
जयपुर-अजमेर रोड पर महर्षि दयानन्द सरस्वती स्मारक एवं संग्रहालय निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा मे 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। अजमेर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए सर्वे पूरा कर लिया है। अब यहां महर्षि दयानन्द की 2500 किलोग्राम की 18 फिट ऊंची प्रतिमा लगाए जाने की तैयारी है। मूर्ति के निर्माण में 60 फीसदी ताम्बा तथ शेष जिंक,लेड तथा टिन होगा। यह मूर्ति दूर से ही नजर आएगी।