अजमेर

मूक-बधिर भाई के छलक पड़े आंसू, जब दो साल बाद गुमशुदा भाई को मिलाया whatsapp group ने

गुजरात के गोपाल नगर से दीपावली पर घर लौटते समय दो साल पहले लापता हुआ युवक अजमेर में कातन बावड़ी के पास मिला।
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Updated: 9 Jul 2018, 11:53 AM IST
missing boy found in ajmer after two years because of whats app group
मूक-बधिर भाई के छलक पड़े आंसू, जब दो साल बाद गुमशुदा भाई को मिलाया whatsapp group ने

अजमेर. गुजरात के गोपाल नगर से दीपावली पर घर लौटते समय दो साल पहले लापता हुआ युवक रविवार को अजमेर में कातन बावड़ी के पास मिला। दो साल बाद छोटे भाई को सकुशल देकर मूक-बधिर बड़े भाई की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। देर शाम उसे जोधपुर में परिजन के सुपुर्द कर दिया।

पुलिस के अनुसार मूलत: बाड़मेर हाल केरू निवासी हनीफ (19) पुत्र मांगू खां 2 साल पूर्व गोपालनगर में बीकानेर स्वीट्स की दुकान पर काम करता था। साल 2016 में दीपावली से कुछ दिन पहले वह गोपालनगर में बस में सवार हुआ लेकिन घर नहीं पहुंचा। परिजन ने जब मिठाई की दुकान के संचालक को सूचना दी तो उसने आकलेश्वर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई लेकिन हनीफ का सुराग नहीं लग सका।

बीमार मां ने छोड़ी दुनिया
परिजन ने बताया कि हनीफ के पिता पहले ही दुनिया छोड़ चुके थे लेकिन बेटे के लापता होने के गम में डूबी बीमार मां ने भी एक साल पहले दम तोड़ दिया। बुधवार को हनीफ ने विवाहिता बहन के मोबाइल फोन पर वीडिया कॉलकर बात की तो और अपने पहले अजमेर और फिर मुम्बई में होने की जानकारी दी। पूरी बात होती उससे पहले कॉल कट गई। कॉल आने पर परिजन को हनीफ के सकुशल होने की सूचना पर परिजन ने उम्मीद आस जग गई। उन्होंने मोबाइल नम्बर से तलाश शुरू कर दी। उसकी लोकेशन अजमेर में आई।

व्हाट्सएप गु्रप बनाकर तलाश

परिजन ने बताया कि समाज के कुछ लोगों को व्हाट्सएप के जरिए जोड़ा तो पुलिस अधिकारियों से मदद मांगी तो उन्होंने तीन दिन में उसको अजमेर में कातनबावड़ी क्षेत्र में ढूंढ निकाला। आखिर उसे जोधपुर में बड़े भाई रफीक के सुपुर्द कर दिया। उन्होंने संभावित स्थानों पर तलाश किया लेकिन उसका सुराग नहीं लगने पर उन्होंने जीवित होने की उम्मीद छोड़ दी थी।

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