अजमेर

सिमटती कांग्रेस को संभालेंगे पायलट, राजस्थान में लागू किया ये खास फॉर्मेट

संकेत यह भी नजर आ रहा है कि पार्टी में सक्रिय रूप से काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों के बदलाव से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।

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May 17, 2018
new format issue for congress member

अजमेर

लोकसभा चुनाव में जिले में जीत का परचम लहरा चुकी कांग्रेस अब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भी जीत को दोहराना चाहती है। पार्टी ने संगठन स्तर पर नया फॉर्मेट तय किया है। इसके तहत जिलों की 39 व ब्लॉक की 400 कार्यकारिणी को जंबो रूप दिया गया है इसमें सदस्योंं की संख्या बढ़ाई जाएगी साथ ही सक्रिय कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के साथ वरिष्ठ व पूर्व जनप्रतिनिधियों को भी समान तरजीह दी गई है। संकेत यह भी नजर आ रहा है कि पार्टी में सक्रिय रूप से काम नहीं करने वाले पदाधिकारियों के बदलाव से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।

नए फॉर्मेट की खास बात यह भी है कि इसमें संगठन महामंत्री तथा मीडिया तथा विधि विभाग के पृृथक से प्रभारी बनाए गए हैं जो मीडिया व सोशल मीडिया सहित कानूनी कार्रवाई की जरुरत पडऩे पर संगठन का पक्ष मजबूती से रख सकें।

प्रदेश से जिला व ब्लॉक अध्यक्षों को निर्धारित फॉर्मेट में अपनी कार्यकारिणी का गठन 30 मई तक कर संबंधित अध्यक्ष को सौंपनी होगी। देहात कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह राठौड़ ने सभी पदाधिकारियों को नए फॉर्मेट के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

वरिष्ठों को पूरी तरजीह
प्रत्येक कार्यकारिणी में पूर्व व मौजूदा सांसद व विधायक, महापौर, प्रधान, जिला प्रमुख, अग्रिम संगठनों, प्रकोष्ठ व विभागों के अध्यक्ष कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।

यह होगा नया तानाबाना
जिला कार्यकारिणी : कुल सदस्य 95, अध्यक्ष 1, संगठन महामंत्री 1, उपाध्यक्ष 24, महासचिव 21, सचिव 21, सहसचिव 21, प्रवक्ता 5, कोषाध्यक्ष 1, प्रभारी उपाध्यक्ष 3 सोशल मीडिया प्रभारी 1, प्रभारी मीडिया प्रिंट व इलैक्ट्रॉनिक 1, प्रभारी विधि विभाग 1.

ब्लॉक कार्यकारिणी : कुल सदस्य 53, अध्यक्ष 1, संगठन महामंत्री 1, उपाध्यक्ष 12, महासचिव 12, सचिव 12, सहसचिव 12, कोषाध्यक्ष 1, प्रवक्ता 2.
जिला स्तरीय समिति : इसमें कुल 41 सदस्य होंगे।

जिला व विधानसभा स्तरीय समन्वय समितियां: इनमें कुल 77 सदस्य होंगे। इन समितियों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव, प्रभारी, जिलाअध्यक्ष आदि शामिल होंगे।

कांग्रेस में जान फूंकने की कवायद
लगातार एक के बाद देश में चुनाव हार रही कांग्रेस के लिए यह नया फॉर्मेट जान फूंकने की कवायद है। राजस्थान में बीती जनवरी में कांग्रेस ने दो लोकसभा और एक विधानसभा उप चुनाव जीतकर भाजपा को जबरदस्त टक्कर दी थी। यहां मौजूदा वक्त भाजपा की स्थिति मजबूत नहीं दिख रही है। इसके चलते कांग्रेस सत्ता हथियाने का कोई मौका गंवाना नहीं चाहती है।

Updated on:
16 May 2018 10:41 am
Published on:
17 May 2018 09:25 am
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