
उपखंड अधिकारी दीप शिखा को ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन (फोटो सोशल मीडिया)
अजमेर: मसूदा उपखंड क्षेत्र के ग्राम नयागांव-देवपुरा में भारतमाला सड़क परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के बीच एक किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है। परिजन ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि पुश्तैनी कृषि भूमि अधिग्रहण की जद में आने से किसान लंबे समय से मानसिक तनाव में था। परिजन और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, निष्पक्ष जांच तथा प्रभावित किसानों के हितों की सुरक्षा की मांग उठाई। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, नयागांव निवासी आनंद पुत्र सूजा मेहरात की ग्राम देवीपुरा में करीब 10 बीघा पुश्तैनी कृषि भूमि है। परिजन का कहना है कि भारतमाला सड़क परियोजना के तहत पूरी भूमि अधिग्रहण की जद में आने से परिवार की आजीविका को लेकर आनंद तनाव में था।
मंगलवार शाम वह खेत की रखवाली के लिए घर से निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। बुधवार सुबह परिजन तलाश करते हुए खेत के समीप पहुंचे, जहां कुएं के पास पेड़ पर उसका शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मसूदा उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजन और ग्रामीणों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए। सूचना पर उपखंड अधिकारी दीप शिखा अस्पताल पहुंचीं और परिजन से वार्ता की। उन्होंने नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, बच्चों को पालनहार योजना से जोड़ने तथा मृतक की बालिकाओं को अगले शैक्षणिक सत्र में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलाने सहित अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम कराने को राजी हुए।
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि भूमि अधिग्रहण के कारण किसान मानसिक और आर्थिक दबाव में था। किसानों ने मांग की कि परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजे और आजीविका संबंधी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि भारतमाला परियोजना के तहत क्षेत्र के कई किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहण की जद में आ रही है। उनका कहना है कि कुछ किसानों की पुश्तैनी जमीन के साथ कुएं भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे भविष्य में आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों का ध्यान रखने और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की मांग की है।
किसान की आत्महत्या के मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-ओमप्रकाश, पुलिस उपनिरीक्षक, मसूदा
Updated on:
15 Jul 2026 10:00 pm
Published on:
15 Jul 2026 10:00 pm
