अजमेर

नाले का पाट किया संकरा, लंबाई 55 फीट झील तक पहुूंचने पर 30 फीट रह गई

– निगम के अफसर एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी – क्षेत्रवासियों ने जताया एतराज – वैशाली नगर आंतेड़ से आ रहे नाले को झील तक पक्का करने का मामला – विधानसभा अध्यक्ष ने भी दिए थे सख्त निर्देश अजमेर. शहर में जल भराव की समस्या से निजात पाने के लिए नालों का चौड़ा व पक्का […]

2 min read
Jun 18, 2025
nigam news
nigam news

- निगम के अफसर एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

- क्षेत्रवासियों ने जताया एतराज

- वैशाली नगर आंतेड़ से आ रहे नाले को झील तक पक्का करने का मामला

- विधानसभा अध्यक्ष ने भी दिए थे सख्त निर्देश

अजमेर. शहर में जल भराव की समस्या से निजात पाने के लिए नालों का चौड़ा व पक्का करने की शृंखला में वैशाली नगर आंतेड़ पहाडि़यों से आ रहे बरसाती नाला शहर का संभवत यह सबसे चौड़ा नाला है इसकी चौड़ाई 55 फीट है लेकिन निर्माण ऐजेंसी व जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते अब इसकी चौड़ाई मात्र 30 फीट नजर आ रही है यही लापारवाहियां आगे अतिक्रमण व कब्जो को जन्म देती, है संकरा नाला होते ही क्षेत्र में जलभराव व हादसों का कारण बनते हैं। गंभीर बात यह है कि विधानसभा अध्यक्ष व विधायक वासुदेव देवनानी ने कमेटी का गठन कर रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद उन्होंने शहर के नालों को राजस्व रिकार्ड अनुसार मूल स्वरूप में बनाने के निर्देश दिए थे लेकिन इन निर्देशों की अवहेलना नजर आ रही है।

जानकारी अनुसार वैशाली नगर आंतेड़ का नाला पार्श्वनाथ कॉलोनी के पास से पुलिया के नीचे से होते हुए आनासागर झील की ओर जाता है। यहां काफी समय से नाले को पाटने व इस पर अस्थायी थडि़यां व कब्जे की शिकायतें मिल रहीं थी। शहर के अन्य कई नालों का भी यही हाल था।

निगम की टीम ने सर्वे कराने के बाद नालों के निर्माण कार्य शुरू कर दिए। कई जगह नालों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया।

नाला संकरा हुआ, 55 फीट से चौड़ाई कम होकर 30 फीट की

क्षेत्रवासियों का कहना है कि वैशाली नगर पार्श्वनाथ कॉलोनी को क्रॉस करता हुआ नाला पुलिया के पास खासा चौड़ा है। राजस्व रिकार्ड अनुसार इसकी चौड़ाई 55 फीट बताई गई है लेकिन सागर विहार कॉलोनी व झील के पाथ वे की ओर बढ़ते हुए नाला निर्माण कार्य वर्तमान में जारी है।क्षेत्रवासियों ने बताया कि यहां नाले की चौड़ाई मात्र 30 फीट कर दी है। इससे यहां जल भराव व नाले की भूमि पर अतिक्रमण के हालात बनेंगे। नाले की जमीन को छोड़ दिया गया तो यहां केबिन ठेले, वाहनों की पार्किंग आदि शुरू हो जाएगी। इससे बारिश में विषम हालात पैदा होंगे।

अधिकारी एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारीइस संबंध में निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की तो वह एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य अभियंता व एक्सीएन फोन नहीं उठा रहे।

राजस्व रिकार्ड मांगेंगे

मामले में राजस्व रिकार्ड लेकर नाले की राजस्व अनुसार कितनी चौड़ाई है उसीअनुसार नालाबनाया जाना चाहिए। नाला निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यदि संकरा किया जा रहा है तो इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को की जाएगी।रमेश सोनी, क्षेत्रीय पार्षद, नगर निगम अजमेर।

Published on:
18 Jun 2025 11:31 pm