16 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ajmer: 20 साल में आतंकी हेडली से लेकर ISIS मॉड्यूल तक कर चुके रैकी, पहली बार लोकल लिंक का खुलासा

Ajmer Terror Link: साम्प्रदायिक सौहार्द्र व सूफियाना तासीर का अजमेर गत 20 साल से आतंकी संगठनों की नजर में है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन आइएसआइ और आइएसआइएस से जुड़े मॉड्यूल यहां पहले भी रैकी कर चुके हैं। लेकिन पहली बार स्थानीय युवक अली अकबर उर्फ बाबू की कथित आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

2 min read
Google source verification
सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में आतंकी, पत्रिका फाइल फोटो

सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में आतंकी, पत्रिका फाइल फोटो

Ajmer Terror Link: साम्प्रदायिक सौहार्द्र व सूफियाना तासीर का अजमेर गत 20 साल से आतंकी संगठनों की नजर में है। पाकिस्तानी आतंकी संगठन आइएसआइ और ISIS से जुड़े मॉड्यूल यहां पहले भी रैकी कर चुके हैं। लेकिन पहली बार स्थानीय युवक अली अकबर उर्फ बाबू की कथित आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। हरियाणा में उसकी गिरफ्तारी और पिछले 2 माह से शहर को दहलाने की मिल रही धमकियों के बीच अजमेर में सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती है।

लोकल कनेक्शन से बढ़ी चिंता

हरियाणा में पकड़े गए लौंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर उर्फ बाबू का नाम सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। अब तक यहां से जुड़े मामलों में बाहरी मॉड्यूल ही सामने आए थे।पुलिस को अली अकबर के अलावा भी अजमेर में पाक आतंकी शहजाद भट्टी के संगठन से जुड़ाव की आशंका है।

दरगाह, पुष्कर रहे निशाने पर

अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और धार्मिक नगरी पुष्कर लंबे समय से आतंकी संगठनों की नजरों में हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन स्थानों को संवेदनशील मानती हैं।

पाकिस्तानी आतंकी अशरफ दो साल रहा अजमेर में

अक्टूबर 2021 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ भी पत्नी के साथ देहली गेट क्षेत्र में एक मस्जिद में दो साल तक रहा। वह झाड़-फूंक करने की आड़ में इलाके की गतिविधियों पर नजर रखता रहा। अशरफ ने अजमेर में फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवा लिए थे।

आतंकी हेडली ने भी की थी रैकी

मुंबई हमलों के आरोपी आतंकी डेविड कॉलमैन हेडली ने भी 4 बार अजमेर आकर 2003 में पुष्कर स्थित यहूदी धर्मस्थल बेथखबाद की रैकी की थी।

अजमेर में आतंकी गतिविधियों की प्रमुख घटनाएं

  • 2003-आतंकी डेविड कॉलमैन हेडली ने पुष्कर के यहूदी धर्मस्थल बेदखबाद की रैकी की।
  • 2006- गेगल थाना पुलिस ने हथियारों का जखीरा लेकर जा रहे आतंकी मोहम्मद शब्बीर को गिरफ्तार किया।
  • 2007-अजमेर दरगाह परिसर में बम विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत और कई घायल हुए।
  • 2010-कर्नाटक एटीएस ने आतंकी युसुफ उर्फ उमर को गिरफ्तार किया। उसने दरगाह और पुष्कर क्षेत्र की रैकी करना कबूला।
  • 2016-आईएसआईएस टेरर मॉड्यूल के सदस्य मोहम्मद इब्राहिम राजदानी और हबीब मोहम्मद इलियासी दरगाह क्षेत्र के धानमंडी इलाके में चार दिन होटल में ठहरे। बाद में वे इंदौर के रास्ते लौटते समय एनआईए के हत्थे चढ़े।
  • 2021-दिल्ली में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ के अजमेर में दो साल तक छिपकर रहने का खुलासा हुआ।

लगातार धमकियों के बीच बढ़ाई सुरक्षा

पिछले दो माह में जिला प्रशासन को कई बार बम धमाकों की धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे में अली अकबर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

इनका कहना है….

अजमेर साम्प्रदायिक सौहार्द्र की नगरी रही है। आतंकी घटनाओं से जुड़ी छोटी से छोटी गतिविधि में लिप्तता सामने आने पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हर्षवर्धन अग्रवाल,पुलिस अधीक्षक