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RPSC पेपर लीक: पौने 3 साल, करोड़ों का खेल और सरकारी बंगले से साजिश; फिर भी क्यों नहीं हुई बाबूलाल कटारा की बर्खास्तगी?

RPSC Paper Leak Babulal Katara: आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को पेपर लीक केस में गिरफ्तारी के पौने 3 साल बाद भी बर्खास्त नहीं किया गया। मामला राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट स्तर पर लंबित है, जबकि जमानत रद्द हो चुकी है।

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अजमेर

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Arvind Rao

Mar 25, 2026

RPSC Paper Leak Why Suspended Member Babulal Katara Still Not Dismissed After Nearly 3 Years

आरपीएससी निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा (फोटो- पत्रिका)

Teacher Recruitment Paper Leak Case: अजमेर: आरपीएससी का निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा पौने तीन साल बाद भी बर्खास्त नहीं हो पाया है। फैसला सरकार, राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर होगा।

इधर, सुप्रीम कोर्ट उसकी अंतरिम जमानत रद्द कर चुका है। लेकिन बर्खास्तगी पर कोई निर्णय नहीं किया गया। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती-2022 के पेपर लीक मामले में एसओजी ने 18 अप्रैल 2023 को बाबूलाल कटारा, बर्खास्त ड्राइवर गोपाल सिंह और विजय कटारा को गिरफ्तार किया था। तत्कालीन राज्यपाल कलराज मिश्र ने जनवरी 2024 में कटारा को निलंबित किया था।

लंबी है बर्खास्तगी की प्रक्रिया

आरपीएससी अध्यक्ष अथवा सदस्यों की अनियमितताओं अथवा गम्भीर मामलों में सरकार पूरी रिपोर्ट राज्यपाल को भेजती है। राजभवन स्तर पर विधिक प्रक्रिया अपनाते हुए संबंधित सदस्य अध्यक्ष को बर्खास्त करने के लिए राष्ट्रपति तक रेफरेंस भेजना पड़ता है। इस मामले में राज्य सरकार दो वर्ष पूर्व राष्ट्रपति और राज्यपाल को बर्खास्तगी प्रस्ताव भेज चुकी है।

यह है कार्रवाई नियम

संविधान में संघ अथवा राज्य लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाने और निलंबित करने का प्रावधान है। अध्यक्ष अथवा सदस्य के मामले में खंड (1) के अधीन उच्चतम न्यायालय को निर्देशित किया गया है। किसी अध्यक्ष अथवा सदस्य का अपनी पदावधि में पद के कर्तव्यों के बाहर सवेतन-नियोजन, दिवालिया, मानसिक-शारीरिक रूप से अक्षम होने पर कार्रवाई का प्रावधान है। राष्ट्रपति आदेश जारी करते हैं।

कटारा के पास मिली थी अधिक संपत्ति

एसीबी ने निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा की संपत्ति का ब्योरा एकत्रित किया था। जांच में 60 फीसदी अधिक संपत्ति पाई गई थी। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने कटारा की अंतरिम जमानत रद्द की है।

ट्रायल में हुई अनावश्यक देरी

राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय और अधिवक्ता अनीशा रस्तोगी ने कहा, याचिकाकर्ता ने तथ्य छिपाकर याचिका पेश की, उसके खिलाफ 5 आपराधिक मामले लंबित हैं और 51 लाख 20 हजार रुपए व 500 ग्राम से अधिक सोने के आभूषण बरामद हुए।

उन्होंने यह भी कहा कि कटारा की ओर से कई बार ट्रायल को स्थगित करवाया गया, जिसकी वजह से ट्रायल में देरी हो रही है। कटारा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) में भी मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई।

सरकारी आवास पर लीक किया पेपर

जांच में खुलासा हुआ था कि बाबूलाल कटारा ने सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती-2022 का पेपर अपने सरकारी आवास पर लीक किया। उसके भांजे विजय डामोर के जरिए उसे रजिस्टर में लिखा गया और पेपर पहले 60 लाख रुपए में बेचा। फिर उसी पेपर की 80 लाख रुपए में भूपेंद्र सारण के साथ डील हुई थी।

24 दिसंबर 2022 को उदयपुर के बेकरिया थाने की पुलिस ने एक संदिग्ध बस पकड़ी, जिसमें 49 अभ्यर्थी प्रश्न पत्र के उत्तर सॉल्व कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि पेपर परीक्षा से पहले ही बाहर आ चुका था।