दरगाह जियारत करने आए थे, जेब खाली होने पर लोगों से मांग रहे थे मदद, कश्मीरियों को पूछताछ के बाद छोड़ा
नसीराबाद (अजमेर). अजमेर ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह जियारत करने कश्मीर से आए एक परिवार को संदेह के आधार पर पुलिस पूछताछ का सामना करना पड़ गया। यह परिवार बीच सफर जेब खाली होने के कारण यहां लोगों से सहायता राशि एकत्र कर रहा था। पुलिस ने मुकम्मल पूछताछ के बाद कश्मीरी परिवार को छोड़ दिया। नगर के रोडवेज बस स्टैंड पर रविवार को चार कश्मीरी लोगों से सहयोग राशि जमा कर रहे थे। इस दौरान सेना की सप्लाई डिपो में कार्यरत बलराम ने संदेह के आधार पर उनकी सिटी थाना पुलिस से शिकायत कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस चारों को थाने ले आई।
पूछताछ के दौरान परिवार के लोगों ने अपनी पहचान नाम सिंघबाद बारामूला श्रीनगर निवासी तालिब शेख व ख्वाजाबाद बारामूला श्रीनगर निवासी तारिक अहमद शेख के रूप में दी। उनके साथ आई महिला तारिक की पत्नी लाली और उसकी पुत्री नरगिस थी। पूछताछ में कश्मीरियों ने बताया कि वह कश्मीर से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह मन्नत मांगने आए थे। लेकिन रुपए खत्म हो जाने के कारण वह मदद के लिए नसीराबाद आ पहुंचे। तारिक अहमद ने पुलिस को बताया कि वह श्रीनगर में एएसपी निवास पर सफाई कर्मचारी के रूप में काम करता है। इस पर आर्मी इंटेलीजेंस के कैप्टन शशांक शेखर ने श्रीनगर एसपी अब्दुल कयूम से फोन पर बात तस्दीक की। उसके बाद चारों कश्मीरियों को थाने से रुखसत कर दिया।