
अजमेर. आम तौर महानगरों में मिलने वाली ऑनलाइन फूड डिलीवरी सुविधा अजमेर में भी शुरू हो गई है। शुरू होने के साथ ही यह काफी लोकप्रिय हो गई है। इससे शहरवासी अब घर बैठे-बैठे ही अपने मनपसंद रेस्टोरेन्ट से खाना तो मंगवा ही रहे हैं वहीं इससे रेस्टोरेन्टों का व्यापार बढ़ा है तथा युवाओं को रोजगार भी मिला है। एप टैक्सी से टैक्सी के बाद अजमेर में एप से फूड ऑडर भी शुरू हो गया है। एप बेस फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो और फूड पांडा की सेवाएं तो शुरू हो गई है। तीसरी कंपनी भी सेवाएं शुरू करने की कतार में है। इन कंपनियों के साथ शहर के करीब दो सौ रेस्टोरेन्ट, फूड प्रोडक्ट, बेकरी प्रोडक्ट और मिठाई विक्रेता अटैच है। यह कंपनियां लोगों को घर बैठे गर्मा गर्म खाना तो पहुंचा ही रही है। केक, बेकरी उत्पाद, ज्यूस, शेक , नमकीन और मिठाइयां भी घर बैठे पहुंचा रही है। वो भी करीब आधे घंटे के समय में।
लोग घरों और दफ्तरों में जमकर इनसे खाना मंगवा रहे है। शुरूआती दौर में बड़े डिस्काउन्ट के कारण यह ऑडर्स की संख्या भी अच्छी है। वहीं मोबाइल वॉलेट से भुगतान करने पर अतिरिक्त कैश बैक भी मिल रहा है। शनिवार और रविवार को ऑडर करने वालो की संख्या आम दिनों के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
युवाओं को मिला रोजगार
फूड डिलीवरी शुरू होने से युवाओं को भी रोजगार मिला है। फूड डिलीवर करने के लिए करीब डेढ सौ से दो सौ बाइकर्स रखे गए है। इनमें फुलटाइम और पार्टटाइम दोनों तरह से कार्य करने वाले लोग शामिल हैं।
रेस्टोरेन्ट का बढ़ा बिजनेस
उधर ऑनलाइन फूड डिलीवरी से रेस्टोरेन्टस, बेकरी प्रॉडक्ट का बिजनेस बढ़ गया है। क्योंकि ग्राहक को उनके यहां आने की जरूरत ही नहीं पड़ रही है। साथ ही नए-नए डिस्काउन्ट ऑफर्स का भी इसमें बड़ा रोल है। ग्राहक सुबह 11 से रात 11 बजे तक ऑडर कर सकते है। क्लिक करते ही ऑडर प्लेस हो जाता है। पेमेन्ट भी ऑनलाइन हो जाता है। कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन भी है। ग्राहक खाना रेस्टोरेन्ट से कब पैक होकर निकला उस तक कितनी देर बाद पहुंचेगा यह सब ट्रैक कर सकता है।
इनका कहना है
ऑनलाइन फूड डिलीवरी शुरू होने से सबसे ज्यादा फायदा ग्राहकों को हुआ है। हालांकि व्यापारियों का भी व्यापार बढ़ा है। उन्हें डिलीवरी के लिए अपना स्टाफ लगाने की जरूरत नहीं है।
-गौरव गर्ग, निदेशक ममता केक्स एंड बेक्स