धोखे से एटीएम नम्बर व ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) पूछकर बैंक खाते से ऑन लाइन ठगी से निकली रकम को 24 घंटे में रिकवर
पुलिस की साइक्लोन सेल ने पीडि़ता को दिलाई राहत
अजमेर. धोखे से एटीएम नम्बर व ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) पूछकर बैंक खाते से ऑन लाइन ठगी से निकली रकम को क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस ने साइक्लोन सेल की मदद से कार्रवाई करते हुए २४ घंटे में पीडि़ता के खाते में रिकवर करने में कामयाबी हासिल की है।
थानाप्रभारी दिनेश कुमावत ने बताया कि परिवादियां ज्योति पत्नी विजय ने ३० सितम्बर को शिकायत दी कि उसे एक व्यक्ति ने कॉल कर सिम रिचार्ज करने के नाम पर धोखे से एटीएम नम्बर व ओटीपी पूछकर उसके बैंक खाते से ३६ हजार ९९० रुपए निकाल लिए। परिवादिया की ओर से दी गई शिकायत पर हैडकांस्टेबल भगवानसिंह ने अनुसंधान किया तो सामने आया कि कॉलर ने उसके खाते से निकली रकम से ऑन लाइन साइट से खरीदारी की है। मामले में जिला पुलिस की साइबर सेल के सुनील मील ने संबंधित कम्पनी को ई-मेल कर ठगी की सूचना दी। मील ने कम्पनी की ओर से बने ग्रुप पर सूचना देकर ठगी रोकने का जानकारी दी। सूचना मिलते ही कम्पनी ने डिलीवरी को ब्लॉक करवाते हुए खाते में आई रकम को परिवादिया के खाते में रिफंड कर दिया।
स्टॉप बैकिंग फ्रॉड
कुमावत ने बताया कि साइबर सेल ने कम्पनी को मेल करने के साथ स्टॉप बैंकिंग फ्रॉड ग्रुप पर मैसेज किया। कम्पनी ने भी अजमेर पुलिस के मेल व ग्रुप मैसेज पर त्वरित कार्रवाई की।
यूं बरतें सजगता
-किसी भी व्यक्ति को फोन पर एटीएम नम्बर, ओटीपी या बैंक खाते से संबंधित जानकारी न दें।
-किसी भी मैसेज, व्हाट्सएप पर भेजे गए मैसेज जिसमें इनाम निकालने की जानकारी पर विश्वास नहीं करे। उस पर दिए लिंक को क्लिक न करें।
-ऑन लाइन ठगी की घटना होते ही तुरन्त नजदीक थाने पर शिकायत दर्ज कराएं।
-ऑन लाइन ठगी कर खरीदारी के मामलों में २४ घंटे के अंदर की गई शिकायत पर रकम रिकवरी की संभावना रहती है।