-पहले पांच रुपए ऑनलाइन मांगे, साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज
अजमेर. गूगल पर कोटा के निजी अस्पताल का नम्बर तलाशने के फेर में सावर तहसील का सरकारी स्कूल का शिक्षक ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो गया। जालसाज ने शिक्षक से 5 रुपए की ऑनलाइन फीस जमा करवाने की आड़ में एक लाख 9 हजार रुपए की चपत लगा दी। पीडि़त की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया।
गूगल से लिया था अस्पताल का नंबरपुलिस के अनुसार सावर तहसील के नापाखेड़ा बाड़ का झोपड़ा निवासी महावीर मीणा ने रिपोर्ट में बताया कि 14 अप्रेल को उसके चाचा की तबीयत खराब होने पर उसने गूगल पर अस्पताल का फोन नम्बर सर्च किया। एक नम्बर पर कॉल करने पर रिसीवर ने मरीज की जानकारी मांगी व दो-तीन दिन बाद नम्बर आने की बात कही। उसने जल्दी दिखाने के लिए कहा तो आरोपित ने उसे एक लिंक भेजकर मरीज की सारी जानकारी लिखने के लिए कहा। उसने फार्म भर कर ऑनलाइन सबमिट कर दिया। ठग ने दुबारा कॉल कर 5 रुपए ऑनलाइन जमा करवाने को कहा।
मांगी 5 रुपए फीस
मीणा ने 5 रुपए अपने मोबाइल नम्बर से ऑनलाइन भुगतान कर दिए। लेकिन कॉलर ने पहला भुगतान फेल बताया। फिर भुगतान की बात कहकर उसे दूसरे दिन बुला लिया। मीणा ने जब उसी नम्बर पर पुन: कॉल किया तो फोन नहीं लगा।
दो दिन में निकाली रकम
मीणा ने पुलिस को बताया कि 16 अप्रेल को उसके बैंक खाते से अलग-अलग निकासी होने के बावजूद मैसेज नहीं आया। 18 अप्रेल को भी खाते से निकासी हुई जिसका मैसेज आने पर उसे धोखाधड़ी का पता चला। इस बीच उसके खाते से एक लाख 9 हजार रुपए की निकासी कर ली गई।