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Ajmer Bus Accident: पुष्कर घाटी में गिरी जो बस, उसको लेकर चौंकाने वाली सच्चाई आई सामने; जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज

Ajmer-Pushkar Ghati Bus Accident: अजमेर-पुष्कर घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जोधपुर रजिस्ट्रेशन नंबर की दुर्घटनाग्रस्त निजी बस का फिटनेस सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस दोनों ही समाप्त हो चुके थे।

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Bus Accident in the Ajmer-Pushkar Ghati

अजमेर-पुष्कर घाटी में क्षतिग्रस्त बस। फोटो: पत्रिका

अजमेर। अजमेर-पुष्कर घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जोधपुर रजिस्ट्रेशन नंबर की दुर्घटनाग्रस्त निजी बस का फिटनेस सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस दोनों ही समाप्त हो चुके थे। इसके बावजूद बस सवारियों को लेकर सड़कों पर दौड़ रही थी। परिवहन विभाग की यह लापरवाही दो जान लील गई। जानकारी के अनुसार बस को सवामणी (मायरा) कार्यक्रम में जाने के लिए किराए पर लिया गया था।

पत्रिका संवाददाता ने दुर्घटना के बाद जब जोधपुर रजिस्ट्रेशन नम्बर की प्राइवेट बस की ऑनलाइन आरसी खोली तो विभाग की लापरवाही सामने आई। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जांच में सामने आया कि मिनी बस -9932 का इंश्योरेंस 6 -19-अगस्त 2025 को ही समाप्त हो चुका था, जबकि फिटनेस सर्टिफिकेट 31 मार्च 2026 को एक्सपायर हो गया।

मालिक की जिम्मेदारी, विभाग भी सवालिया

आरसी में बस का मालिक अमृतपाल सिंह अंकित है। नियमों के अनुसार बिना वैध फिटनेस और बीमा के किसी भी वाहन का संचालन अवैध है। ऐसे में हालिया मामले में बस मालिक की जिम्मेदारी के साथ ही परिवहन विभाग व यातायात पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किए गए। मुद्दा यह भी उठ रहा है कि बिना वैध दस्तावेजों के वाहन संचालन पर निगरानी क्यों नहीं रखी गई।

कलक्टर, एसपी मौके पर पहुंचे, घायलों की पूछी कुशलक्षेम

पुष्कर घाटी में हादसे की सूचना मिलते ही जेएलएन अस्पताल की आपातकालीन इकाई में अतिरिक्त चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ तैनात कर दिया गया। कलक्टर लोकबंधु, एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला समेत तमाम प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंचा। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड भी अस्पताल पहुंचे और घायलों की कुशलक्षेम पूछी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे, उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव को उचित उपचार के दिशा निर्देश दिए।

यह हुए घायल

हादसे में 2 साल की प्रिंयाशी, वान्या (6), जेनन (10), प्रियांशी (10), अर्जित (13) व अंजलि (15), शामिल है। वहीं रमेश (44), मोना (30), चंद्रा (60), मंजू (45), राधारानी (60), जितेन्द्र (34), सायरी (50), उगमीदेवी (60), मनवर (45), प्रियंका (22), गीता (50), संजू (40), सीता (35), धर्मी (40), गुडिया (30), रूकमा/सुरेश (50), रिंकू (21), रेखा (21), प्रियंका गुर्जर (21), देव (20), करमा (47), मनू (47), सीता (50), मुन्नी (50) व सुगना (45) शामिल है।

कानूनी कार्रवाई की संभावना

विशेषज्ञों के अनुसार इस मामले में वाहन मालिक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही दुर्घटना में हुई जनहानि के लिए भी जिम्मेदारी तय की जाए। पुलिस प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच के बाद लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर भी गाज गिरेगी।

इनका कहना है

वाहन के फिटनेस और इंश्योरेंस का जिम्मा परिवहन विभाग का है। यातायात पुलिस का जाप्ता सड़क पर यातायात नियमों की पालना करवाने पर ध्यान देता है। हालांकि समय-समय पर कार्रवाई और जांच भी की जाती है।
-हर्षवर्धन अग्रवाला, एसपी अजमेर

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि बस नौसर घाटी में पहले खराब हुई थी। जिसको ठीक करने के बाद फिर से रवाना हुआ थे जोकि कुछ दूर चलने के बाद पुष्कर घाटी में अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। जिस भी स्तर पर कोई लापरवाही हुई है उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-लोकबंधु, जिला कलक्टर अजमेर