
अजमेर . जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में कोरोना सेम्पल के जांच तो प्रारंभ हो गई है मगर नमूने लेने की प्रक्रिया प्रयोगशाला तकनीशियनों के भरोसे है, जबकि केन्द्र सरकार की नई गाइड लाइन के अनुसार इस दौरान रेडिजेंट एवं ईएनटी विशेषज्ञ की उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है।
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कोरोना संदिग्ध मरीजों की पहचान एवं नमूने लेने की प्रक्रिया में केन्द्र सरकार की ओर से तय की गई गाइड लाइन की पालना नहीं की जा रही है। कोरोना संदिग्ध मरीजों के नमूने लेने के दौरान ईएनटी चिकित्सक या फिजिशियन भी नहीं होता है। लैब तकनीशियन संदिग्ध मरीजों के नमूने ले रहा हैं। वे केवल संदिग्ध मरीजों के नमूने लेकर जांच को भिजवा देते हैं जबकि नियमानुसार गले के साथ नाक से नमूना लेने से परिणाम सटीक आता है।
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यह हैं निर्देश
कोविड 19 के आउटब्रेक को तभी रोका जा सकता है जब कोरोना के संदिग्ध की पहचान करें और उसके गले व नाक से तरल का नमूना लिया जाए और यह तभी संभव होगा जब प्रशिक्षित व्यक्ति ये नमूने ले। इसके लिए सभी राज्य व केन्द्र शासित राज्य कोविड 19 नमूने ईएनटी या रेजिडेंट के माध्यम से लें।