अजमेर

Patrika Sting: : कोरोना के नाम पर यहां चल रही है खुलेआम लूट

85 पैसे का मास्क (सरकारी दर) 30 रुपए में बेच रहे मेडिकल दुकानदार, मास्क की कमी बताकर ब्लैक में बेच रहे हैं दुकानदार, आमजन से 29 गुना अधिक वसूल रहे राशि, 25 से 300 रुपए में बेचे जा रहे हैं अलग-अलग किस्म के मास्क
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Mar 06, 2020
Patrika Sting: : कोरोना के नाम पर यहां चल रही है खुलेआम लूट
Patrika Sting: : कोरोना के नाम पर यहां चल रही है खुलेआम लूट

अजमेर. कोरोना वायरस की आड़ में मेडिकल स्टोर संचालकों (दुकानदारों) की ओर से फेस मास्क पर ब्लैक के नाम पर लागत से 25 से 28 गुना राशि वसूली जा रही है। मेडिकल दुकानदारों की इस मनमानी पर प्रशासन एवं जिम्मेदार विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। मेडिकल दुकानदार खुले में लूट मचा रहे हैं। हालाकि अजमेर में फिलहाल कोरोना वायरस का एक भी पॉजीटिव केस सामने नहीं आया है, मगर अभी से मास्क की कमी बताकर मेडिकल दुकानदार ग्राहकों का मुंह देख तिलक लगा रहे हैं। राजस्थान पत्रिका की ओर से गुरुवार को स्टिंग ऑपरेशन कर मेडिकल दुकानों पर मास्क की रेट एवं उनकी ओर से वसूली जा रही राशि की पड़ताल की। उधर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा मेडिकल कॉलेज के औषधि भण्डार में हजारों मास्क की उपलब्धता बताई जा रही है।

केस : 1

कलक्ट्रेट के पीछे स्थित एक मेडिकल दुकानदार पर जब मास्क की रेट पूछी गई तो उन्होंने दो तरह के मास्क उपलब्ध करवाए। इनमें एक की रेट 30 रुपए वसूली गई जबकि दूसरा इससे भी महंगा बताया गया।

केस : 2

जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के सामने स्थित एक मेडिकल दुकानदार से जब पूछा गया कि मास्क है क्या? तो उसने अपने चेहरे पर लगाया मास्क दिखाते हुए कहा कि ऐसा या कोई दूसरा। जब उसके चेहरे पर लगे मास्क के बारे में पूछा तो बताया यह 30 रुपए का है। पत्रिका प्रतिनिधि ने 50 रुपए का नोट थमाया तो उसने 20 रुपए वापस दिए। जब उससे पूछा कि मास्क पहले तो कम रेट का था तो जवाब मिला- अब मास्क की कमी हो गई है।

यहां 20 हजार मास्क का दावा:

-जेएलएन अस्पताल स्थित राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी में करीब 20 हजार मास्क उपलब्धता का दावा किया जा रहा है।

-जिला औषधि भण्डार में मास्क की स्थिति- सीएमएचओ डॉ. के.के. सोनी के अनुसार 40 हजार मास्क जिले के चिकित्सा संस्थानों व भण्डार में उपलब्ध है।

इनका कहना है

मेडिकल दुकानों पर बिकने वाले मास्क आदि की रेट पर विभाग का नियंत्रण नहीं है।

-ईश्वर सिंह यादव, सहायक औषधि नियंत्रक

Published on:
06 Mar 2020 06:04 am