गांव में लॉकडाउन के कारण नाई की दुकानें बंद है। साथ ही नाई से बाल कटवाने से संक्रमण के खतरे को देखते हुए युवाओं ने खुद ही एक दूसरे के बाल काट लिए। गांव के बच्चों सहित 300 से ज्यादा लोगों ने इन दिनों सिर मुंडवा लिए हैं...
— योगेश शर्मा
अजमेर। कोरोना ( coronavirus ) से जंग लड़ने के लिए अजमेर के निकट 5000 की आबादी वाले मायापुर गांव में युवाओं ने पिछले 10 दिनों से मोर्चा संभाल रखा है। इन युवाओं ने न केवल खुद के स्तर पर गांव के तीन रास्तों को सील कर रखा है, बल्कि हर आने-जाने वाले को सैनेटाइज करके ही प्रवेश दे रहे हैं। बाहरी व्यक्तियों के गांव में प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा रखी है। इतना ही नहीं इन दिनों लॉकडाउन में हेयर कटिंग की दुकानें बंद होने से गांव के सैकड़ों बच्चे व युवाओं ने खुद ही एक दूसरे के सिर मुंडवा लिए।
पत्रिका टीम सोमवार को मायापुर पहुंची तो जहां गांव की सीमा प्रारंभ होती है वहां चेक पोस्ट की तरह लकड़ी की बल्लियों के बैरियर लगाकर बैठे युवाओं ने वाहनों को रोक लिया। यही व्यवस्था सबके लिए कर रखी है। कोई भी गांव का व्यक्ति बाहर जाता है या आता है तो उसका नाम, मोबाइल नंबर और आने जाने का समय रजिस्टर में इंद्राज किया जाता है।
एक दूसरे ने काट लिए अपने बाल
गांव में लॉकडाउन के कारण नाई की दुकानें बंद है। साथ ही नाई से बाल कटवाने से संक्रमण के खतरे को देखते हुए युवाओं ने खुद ही एक दूसरे के बाल काट लिए। गांव के बच्चों सहित 300 से ज्यादा लोगों ने इन दिनों सिर मुंडवा लिए हैं।
लॉकडाउन खुलने के 7 दिन बाद हटेगी व्यवस्था
नवयुवक मंडल के हरदीप रावत ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने सुना कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों से कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है। तब से उन्होंने अपने स्तर पर यह व्यवस्था शुरू की। सरकार जिस दिन लोग खत्म करेगी उसके 7 दिन बाद उनकी यह व्यवस्था हटाई जाएगी।