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अजमेर.
सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स में इस बार पाकिस्तानी जत्थे को तो आने की इजाजत नहीं मिली लेकिन भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल महमूद शनिवार को दरगाह पहुंचे। उन्होंने पाकिस्तान की सरकार और वहां के धार्मिक मामलात मंत्रालय की तरफ से चादर पेश की। उनके साथ पाकिस्तान उच्चायोग के काउंसलर सईद अली भी थे।
भारत -पाक के अच्छे रिश्तों की मन्नत
खादिम सैयद नातिक चिश्ती ने उन्हें जिय़ारत कराई। सैयद बिलाल चिश्ती भी मौजूद रहे। दरगाह जियारत के बाद पाक उच्चायुक्त सोहेल ने कहा कि पाक जत्था नहीं आने की वजह से वे खुद पाक सरकार और वहां अवाम की तरफ से चादर पेश करने आए हैं। उन्होंने भारत -पाक के अच्छे रिश्तों की मन्नत मांगी है। सोहेल ने न्यूजीलैंड की मस्जिद में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस दु:ख की घड़ी में पाकिस्तान पीडि़तों के साथ है।
घटना निंदनीय
पूरा विश्व भी इस घटना की निंदा कर रहा है। ऐसे में इस आतंकी घटना को किसी किस्म की गलत हवा नहीं दी जानी चाहिए। इस दौरान नातिक चिश्ती ने आतंकवाद के खात्मे और मुल्क में अमन-चैन की दुआ कराई। गौरतलब है कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद उपजे तनाव के हालात के मद्देनजर इस बार पाकिस्तान से उर्स में आने जत्थे को इजाजत नहीं मिल पाई। जत्था वहां का धार्मिक मामलात मंत्रालय की ओर से भेजा जाता है। जत्थे में शामिल लोग ही पाक हुकूमत की ओर से चादर पेश करते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से चादर पेश
अजमेर. ख्वाजा साहब के उर्स के मौके पर शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की ओर से भी चादर पेश की गई। उनकी चादर लेकर दरगाह कमेटी व हज कमेटी चेयरमैन अमीन पठान, पूर्व मंत्री यूनुस खान, हिदायत खां धोलिया, पुष्कर विधायक सुरेश रावत, भाजपा शहर अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा सहित अन्य भाजपा नेता व कार्यकर्ता दरगाह पहुंचे। खादिम सैयद अफशान चिश्ती ने जियारत कराई और राजे की ओर से भेजा गया संदेश पढ़ कर सुनाया।