वहीं जिलेभर में करीब छह कस्बों/गांवों में श्रमदान किया गया।
अजमेर.
सैकड़ों महिला-पुरुषों व युवाओं की टोलियां गेंती, फावड़े लेकर तालाब खुदाई में जुट गए, महिलाएं कतारों में खड़ी होकर मिट्टी को पाल पर डाल कर श्रमदान किया। तालाब/नाडियों की खुदाई में करीब तीन घंटे तक श्रम की बूंदें छलकीं। खुदाई व श्रमदान के बाद तालाब का स्वरूप निखर आया। राजस्थान पत्रिका के अमृतम् जलम् अभियान के तहत अजमेर के निकट घूघरा के तालाब में महिला-पुरुषों के साथ जेसीबी से भी बबूल खोदकर, झाडिय़ां हटाकर मिट्टी की खुदाई की गई। वहीं जिलेभर में करीब छह कस्बों/गांवों में श्रमदान किया गया।
अजमेर के निकट घूघरा तालाब में पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत, सरपंच प्रतिनिधि अमित भंसाली, समाजसेवी सत्यनारायण भंसाली ने श्रमदान का शुभारंभ किया। श्रीनगर पंचायत समिति के विकास अधिकारी, अजमेर विकास प्राधिकरण के एक्सईएन राजेन्द्र कुड़ी, एक्सईएन अनूप टण्डन, हिन्दुस्तान जिंक लि. कायड़ से महेश माथुर, कांग्रेस के सागर मीणा महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के लेक्चरर, छात्र-छात्राएं, राजस्थान शिक्षिका संघ राधाकृष्णन की पदाधिकारी, शिक्षिकाएं, हल्का पटवारी सीमा, सहित युवा, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण महिला पुरुषों ने भी श्रमदान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद सभी ने तालाब बचाने एवं जल संरक्षण की शपथ ली।
ढोल, थाली की थाप पर झूमी महिलाएं
श्रमदान के दौरान ढोल एवं थाली की थाप पर महिलाएं झूम उठीं। महिलाओं ने मंगलगीत गाए। तलाब में खुदाई के बाद बारिश के पानी की आस को लेकर महिलाओं व ग्रामीणों में खासा उत्साह रहा।
जिले में यहां हुए कार्यक्रम
-रूपनगढ़ के कोटड़ी पंचायत के जाखोलाई गांव के तालाब में श्रमदान हुआ।
-किशनगढ़ के निकट पाटन में श्रमदान हुआ।
-श्रीनगर के निकट दिलवाड़ी में तालाब में श्रमदान किया ।
-भिनाय के निकट ग्राम बड़ली के फूलसागर तालाब की खुदाई की गई।
ब्यावर-मसूदा के मध्य दौलतपुरा द्वितीय के तालाब में खुदाई की गई।