इसमें कई विषयों की बोर्ड ऑफ स्टडीज होने की जानकारी दी गई। ऐसे में संकायवार सिलेबस को मंजूरी दी गई।
पत्रिका इम्पेक्ट...यूनिवर्सिटी शुरू करेगी बर्ड कंजर्वेशन कोर्स, पूरे राजस्थान में होगा यूनिक
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में बर्ड कंजर्वेशन कोर्स शुरू होगा। विद्यार्थियों के शैक्षिक दस्तावेज शीघ्र वेबपोर्टल पर डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध कराएंगे। इससे उनका सत्यापन करना आसान होगा। बुधवार को आयोजित एकेडमिक कौंसिल की बैठक में यह फैसले लिए गए।
कार्यवाहक कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह की अध्यक्षता में एकेडमिक कौंसिल की बैठक हुई। इसमें सत्र २०१७-१८ के कला, वाणिज्य, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अन्य संकाय के विभिन्न विषयों के सिलेबस पर चर्चा हुई। इसमें कई विषयों की बोर्ड ऑफ स्टडीज होने की जानकारी दी गई। ऐसे में संकायवार सिलेबस को मंजूरी दी गई।
बैठक में कई विद्यार्थियों के नामांकन नहीं होने तथा अंकतालिकाएं-सर्टिफिकेट नहीं लेने का मुद्दा भी सामने आया। कार्यवाहक कुलसचिव रेणु जयपाल ने प्रस्ताव रखा कि सीबीएसई और विभिन्न संस्थाएं ई-वॉलेट बना चुकी हैं। इनमें दस्तावेज डिजिटल प्रारूप में उपलब्ध रहते हैं। इससे विद्यार्थियों और सत्यापन करने वाली संस्थाओं को भी आसानी होती है। इस पर सदस्यों ने वेबपोर्टल पर दस्तावेज मुहैया कराने की जरूरत बताई। मालूम हो कि सीबीएसई और देश की कई यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों के लिए ई-वॉलेट बना लिए हैं। लेकिन एमडीएस विश्वविद्यालय अब तक फाइलों में ही मामले को उलझाए बैठा है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीडिजिटल इंडिया पर सर्वाधिक जोर दे रहे हैं। बैठक में प्रो. बी. पी. सारस्वत, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. शिव दयाल सिंह, प्रो. लक्ष्मी ठाकुर, प्रो. आशीष भटनागर और अन्य मौजूद रहे।
छह माह का कोर्स
राजस्थान पत्रिका और जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित बर्ड फेर के बाद विश्वविद्यालय ने पक्षी संरक्षण पर सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने का फैसला किया था। एकेडेमिक कौंसिल ने विज्ञान संकाय के डीन प्रो. प्रवीण माथुर के प्रस्ताव और कोर्स को मंजूरी प्रदान की। कोर्स करीब छह छह माह का होगा। पर्यावरण विज्ञान विभाग इसमें प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करेगा। राजस्थान पत्रिका के बर्ड फेयर को प्रेरणास्प्रद मानते हुए शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री अनिता भदेल, कलक्टर गौरव गोयल, अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवशंकर हेड़ा और अन्य ने हर साल जनवरी में बर्ड फेर के आयोजन की बात कही है। यह अजमेर
के पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहरवासियों के लिए सौगात साबित होगा।
यह मुद्दे भी थे शामिल
-बीए/बीएससी बीएड कोर्स के सिलेबस में परिवर्तन
-परीक्षक और पेपर सेटर्स के पैनल
-कॉलेजों के निरीक्षकों के पैनल