नंदनगर क्षेत्र निवासी एक वृद्धा की चिता को बेटी के हाथों मुक्तिधाम में मुखाग्नि देने पर समाज के कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। समाज के लोगों की ओर से उठाई गई आपत्ति ने विवाद का रूप ले लिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बेटी ने ही मां की चिता को मुखाग्नि दी।
नंदनगर क्षेत्र निवासी एक वृद्धा की चिता को बेटी के हाथों मुक्तिधाम में मुखाग्नि देने पर समाज के कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। समाज के लोगों की ओर से उठाई गई आपत्ति ने विवाद का रूप ले लिया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बेटी ने ही मां की चिता को मुखाग्नि दी। नंदनगर निवासी आयरी देवी कुमावत (92) पिछले कुछ दिन से बीमार चल रही थी। मंगलवार दोपहर उनकी मौत हो गई।
वृद्धा के केवल उनकी बेटी गंगादेवी एकमात्र संतान है। पति की मौत काफी पहले हो चुकी है। वृद्धा गंगादेवी व उनका पति उनके साथ ही रहते हैं। वृद्धा की मौत के बाद नंदनगर तथा समाज के लोग उनके घर के बाहर एकत्र हो गए। घर से मुक्तिधाम तक गंगादेवी ने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया।
मुक्तिधाम में मां की चिता को मुखाग्नि देने उनकी बेटी गंगादेवी आगे आई। लेकिन वहां खड़े समाज के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति कर दी। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि महिला किसी चिता को मुखाग्नि नहीं दे सकती। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बात करके मामला शांत किया। पुलिस ने बेटी के हाथों ही मुखाग्नि दिलाई।