अजमेर

अधिकमास की पूर्णिमा पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई तीर्थ राज पुष्कर में डुबकी, कुछ यूं कमाया धर्म लाभ

पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा तिथी मंगलवार को तेज तपती धूप के बीच सैकड़ो श्रद्धालुओ ने पुष्कर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई।
less than 1 minute read
May 30, 2018
pilgrims took bath in pushkar lake on adhakamas purnima
अधिकमास की पूर्णिमा पर सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने लगाई तीर्थ राज पुष्कर में डुबकी, कुछ यूं कमाया धर्म लाभ

पुष्कर. पुरूषोत्तम मास की पूर्णिमा तिथी तेज तपती धूप के बीच सैकड़ो श्रद्धालुओ ने पुष्कर सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई। जलस्तर कम होने के कारण श्रद्धालुओ के स्नान करने में परेशानी जरुर हुई। कुंडो में पानी कम होने के कारण कोई रस्सी के लोठा बांधकर मुख्य सरोवर से जल निकालकर स्नान कर रहा था तो कोई टसूबवैलो के पाइप से पानी भरकर स्नान कर रहा था।

चारो ओर आस्था का सैलाब नजर आया। मंगलवार को सुबह से स्नान शुरू हो गया। प्रधान वराह घाट, मुख्य गऊ घाट, ब्रह्म घाट पर श्रद्धालुओ की संख्या अधिक रही यह क्रम शाम तक चला। कस्बेवासियो ने गर्मी से राहत देने के लिए गुलाब का ठंडा शरबत, मिल्करोज पिलाकर सेवा की। ब्रह्मा मंदिर मे भी दर्शनार्थियों की आवक ज्यादा रही।

पुरूषोत्तम अधिक मास का महत्व- पुष्कर के पङ्क्षडत कैलाशनाथ दाधीच का कहन है कि जेष्ठ मास में पुष्कर तीर्थ में स्नान्र दान करने का कई गुना महत्व बताया गया है। पदम पुराण के अनुसार पुरूषोत्तम मास को अधिक मास भी कहते है। यह प्रत्येक तीसरे वर्ष में आता है। अमावस तिथी से लेकर अमावस तिथी यानि 30 दिनो की इस अवधि में तीर्थ स्नान का गई गुना फल मिलता है। इस मास में मालपुओ का भोजन कराने का भी लेख है।

Published on:
30 May 2018 04:30 am