गैंगवार में शहर के दो हिस्ट्रीशीटर की मौत के बाद भी दो भू-माफिया के बीच चल रही अदावत थमने का नाम नहीं ले रही।
अजमेर . गैंगवार में शहर के दो हिस्ट्रीशीटर की मौत के बाद भी दो भू-माफिया के बीच चल रही अदावत थमने का नाम नहीं ले रही। जहां हिस्ट्रीशीटर धर्मेन्द्र चौधरी का भतीजा वरुण चौधरी पुलिस गिरफ्त से दूर है, वहीं अलवर गेट थाना पुलिस व स्पेशल टीम ने रविवार को प्रतिद्वंद्वी संजय मीणा गिरोह के तीन गुर्गों को उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया। इनमें से दो गुर्गे शहर में वारदात अंजाम देने की फिराक में थे जबकि तीसरा उनकी व्यवस्था में जुटा था।
थानाप्रभारी हरिपाल सिंह ने बताया कि स्पेशल टीम की सूचना पर कालू की ढाणी में संजय मीणा के ठिकाने पर दबिश देकर भरतपुर कामां लकड़ बाजार निवासी घनश्याम (20) पुत्र रमेश शर्मा, करौली टोडाभीम खेडिय़ा निवासी राजेश (24) पुत्र चौथीलाल मीणा को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने उनसे दो लग्जरी कार बरामद की जिसमें धारदार हथियार तलमारनुमा गुप्ती, बेसबॉल के डंडे, तीन लोहे के पाइप बरामद किए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आम्र्स एक्ट में मामला दर्जकर गिरफ्तार कर लिया जबकि दोनों के पक्ष में आए बिहारीगंज निवासी विकास (24) पुत्र पीताम्बर शर्मा को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस उनसे गहनता से पड़ताल में जुटी है।
वारदात की फिराक में था गैंग!
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि घनश्याम 4-5 माह से अजमेर में डेरा जमाए हुए था जबकि राजेश मीणा शनिवार को अजमेर आया। पुलिस को संजय मीणा गैंग के गुर्गों के जुटने की सूचना मिली थी। गिरोह शहर में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है। कार्रवाई में थानाप्रभारी हरिपालसिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक शंकरलाल, स्पेशल टीम के एएसआई रामनारायण चौधरी, मनोज कुमार, हैडकांस्टेबल मनोहर सिंह, सिपाही मनीष कुमार, लीलाराम यादव शामिल थे।
फिर रजत मीणा ने भेजा
पुलिस की गिरफ्त में आए राजेश मीणा ने बताया कि उसे संजय मीणा के ***** रजत मीणा ने उसको अजमेर भेजा है। रजत अक्टूबर से अजमेर से फरार है। इससे पूर्व कोतवाली थानाप्रभारी बी.एल. मीणा व स्पेशल टीम ने सजगता दिखाते हुए रजत के इशारे पर शहर के सर्राफा व्यवसायी और उसके बेटे पर हमले की रैकी करने आए प्रेमा रावत को 20 अक्टूबर को जिन्दा कारतूस समेत पकड़ा था जबकि उसके साथी सुरेन्द्रसिंह व हिस्ट्रीशीटर तेजसिंह फरार हो गए।
पड़ताल में सामने आया कि सुरेन्द्र ने रजत के कहने पर सर्राफा व्यवसायी पर फायर की साजिश रची थी। घनश्याम और राजेश मीणा की मौजूदगी को भी पुलिस वारदात अंजाम देने से जोड़कर देख रही है।
वरुण के निशाने पर है रजत
संजय मीणा का रजत प्रतिद्वंद्वी वरुण चौधरी के निशाने पर है। अलवर गेट थाना पुलिस ने 29 सितम्बर को वरुण के चचेरे भाई भरतपुर कुम्हेर पैंगोर निवासी जितेन्द्र चौधरी, मनीष, राजीव पंवार, मुजफ्फरनगर मोरना निवासी गौरव सिंह और घूघरा निवासी विजय सिंह को जेपीनगर स्थित निर्माणाधीन मकान से गिरफ्तार किया था। जितेन्द्र चौधरी व उसके साथी रजत की हत्या के इरादे से अजमेर आए थे। उन्होंने जयपुर रोड पर रजत पर फायरिंग का भी प्रयास किया था।