10 अक्टूबर तक दर्ज करवाई जा सकती है आपत्तियां10 नवम्बर तक अंतिम प्रारूप होगा तैयार मास्टर प्लान-2033 की टाइमलाइन तय एडीए
भूपेन्द्र सिंह
अजमेर.सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और जगत पिता ब्रह्मा की नगरी पुष्कर और मार्बल नगरी किशनगढ़ का योजनाबद्ध विकास के master plan मास्टर प्लान-2033 को लागू करने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण adav ने अब कमर कस ली है। इसके लिए अब टाइम लाइन time line तय कर दी गई। 10 नवम्बर 2020 तक इसका प्रारूप तैयार करना होगा। प्राधिकरण ने इसके लिए नए सिरे fresh से आपत्तियां objections sought मांगी गइ है। आमजन 7 सितम्बर से 10अक्टूबर तक शहरवासी आपत्तियां दर्ज करवा सकते है। प्राप्त आपत्तियों/ सुझावों के सम्बन्ध कर,व्यावहारिक रूप से रिर्पोट प्रस्तुत करेगी। जैसे-जैसे आपत्ति/ सुझाव आते जाएंगे उनका निस्तारण नियोजन शाखा के अधिकारी उनको नक्शे पर अंकित कर मौका रिपोर्ट तैयार करने की कार्यवाही करते रहेंगे ताकि रिपोर्ट बनाने में विलम्बन ना हो।10 नवम्बर 2020 तक अजमेर शहर के प्रारूप मास्टर प्लान-2033३ को आपत्ति/ सुझाव के परिप्रेक्ष में जांच कर,अंतिम रूप तैयार कर मास्टर प्लान को अजमेर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में खास है कि अभी 2033 का मास्टर प्लान लागू है लेकिन इसका जोनल प्लान नहीं बनाया जा सका। अब 2033 का मास्टर प्लान फाइनल होने के बाद जोनल प्लान बनाया जाएगा। जोनल प्लान नहीं होने से नियमन व नामान्तरण के काम नहीं हो पा रहे हैं। इससे शहर बेतरतीब तरीके से विकसित हो रहा है।
अब तक यह हुआ
अजमेर मास्टर डवलपमेंट प्लान-2033३ प्रारूप को एडीए ने 13 दिसम्बर 2013 को प्रकाशित करवा कर 17 दिसम्बर 2013से 20 जनवरी 2014 तक आम जनता से आपत्ति/ सुझाव मांगे थे। इस अवधि में १५१ तथा नियत अवधि के बाद 22 आपत्तियां/ सुझाव आए। मास्टर प्लान 2033 प्रारूप में पुन: एक माह की अवधि के लिए 13 मार्च 2018 से 12 अप्रेल 2018 तक आपत्ति/ सुझाव आमंत्रित किए गए जिसमें कुल 150 आपत्तियां सुझाव आए। इस तरह 301 आपत्ति/ सुझाव प्राप्त हुए। मास्टर प्लान डवलमेंट प्लान 2033 प्रारूप में प्राप्त आपत्ति/सुझाव पर अंतिम निर्णय लेकर मास्टर प्लान 2033 प्रारूप को अंतिम रूप दिए जाने की कार्यवाही किया जाना प्रक्रियाधीन है।
4बार बदली सरकार फाइलों से बाहर नही आया मास्टर प्लान
अजमेर,किशनगढ़ व पुष्कर विश्व पटल पर अपनी अनूठी पहचान रखने वाले यह तीनों शहर राजनीतिक अंहकार और भू-माफियों के स्वार्थ के कारण बिना मास्टर प्लान बेतरतीब के बढ़ते जा रहे हैं। विडम्बना यह है कि इसका धणीधोरी कोई नहीं है। अफसर इसकी जिम्मेदारी उठाना नहीं चाहते। पिछले 20 साल में 4 बार बदली सरकार। इसमें दो बार कांग्रेस जबकि २ बार भाजपा सरकार रही लेकिन मास्टर प्लान लागू नहीं किया जा सका। अजमेर-पुष्कर किशनगढ़ सहित 118 गांव की आबादी करीब 10 लाख है। शहर का विकास अव्यवस्थित रूप से हो रहा है। नगर निगम के हर वार्ड में अवैध निर्माण हो रहे हैं। पिछले 20 सालों से अजमेर का मास्टर प्लान आपत्तियों से ही बाहर नहीं आ सका।