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अजमेर
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को कार्यवाहक कुलपति का इंतजार है। इसको लेकर राजभवन और सरकार के स्तर पर सोमवार को विचार-विमर्श हु। गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी के नाम पर उच्चाधिकारियों ने सहमति जताई। हालांकि उनके पास कई विश्वविद्यालयों में अतिरिक्त दायित्व को देखते हुए कुछ अन्य कुलपतियों के नाम पर भी चर्चा हुई।
प्रो. विजय श्रीमाली का 21 जुलाई को निधन होने विश्वविद्यालय में कुलपति पद रिक्त हो गया है। शनिवार और रविवार को अवकाश के चलते सरकार और राजभवन में कामकाज नहीं हो पाया। सोमवार दोपहर को राजभवन ने विश्वविद्यालय से कुलपति पद रिक्त होने से संबंधित पत्र मंगवाया। इसे तत्काल कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह और सरकार के पास भिजवा दिया गया। शाम तक कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति केआदेश जारी नहीं हुए।
कई नाम पर हुई चर्चा
अधिकृत सूत्रों ने बताया कि सोमवार को राजभवन और सरकार के बीच कुलपतियों के नाम पर चर्चा हुई। इनमें गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी, एम. एल. सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. शर्मा, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उमा शंकर शर्मा, श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रवीण सिंह राठौड़ के नाम शामिल हैं। पूर्व के अनुभव को देखते हुए प्रो. सोडाणी के नाम पर उच्चाधिकारी सहमत नजर आए।
सोडाणी के पास हैं कई दायित्व
प्रो. सोडाणी के पास मौजूदा कई अतिरिक्त दायित्व हैं। वे राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती की कमेटी में शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने सीकर और अन्य विश्वविद्यालयों में भी भर्तियों अैार पाठ्यक्रम सहित कई जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा गोविंद गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय के नए भवन बनने शुरू हो चुके हैं। प्रो. सोडाणी पर कामकाज का काफी दबाव भी है। मालूम हो कि सोडाणी वर्ष 19 जुलाई 2014 से 18 जुलाई 2017 तक मदस विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं।
प्रो. श्रीमाली को श्रद्धांजलि
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के दिवंगत कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली की स्मृित में सोमवार को शोकसभा हुई। कार्यवाहक कुलसचिव भागीरथ सोनी, मंत्रालयिक कर्मचारी संघ अध्यक्ष दिलीप शर्मा, सहायक कर्मचारी संघ अध्यक्ष गुट्टाराम सहित शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रो. श्रीमाली के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद नियमानुसार कार्य स्थगित किया गया।