www.patrika.com/rajasthan-news
अजमेर. प्री. टीचर एज्यूकेशन टेस्ट-2019 की जिम्मेदारी अब नई सरकार ही तय करेगी। विधानसभा चुनाव के बाद ही उच्च शिक्षा विभाग कोई नीतिगत फैसला लेगा।
राज्य में प्रतिवर्ष दो बीएड बीएड सहित चार वर्षीय बीएससी बीएड और बीए बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्री. टीचर एज्यूकेशन टेस्ट का आयोजन होता है। इसके लिए राज्य सरकार किसी विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी बनाती है। सत्र 2018-19 में बीएड पाठ्यक्रमों में दाखिलों के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय ने परीक्षा कराई थी। अब सत्र 2019-20 के लिए यह परीक्षा कराई जानी है।
नई सरकार पर निगाहें
प्रदेश में विधानसभा चुनाव 7 दिसंबर को होने हैं। मतगणना 11 दिसंबर को होगी लिहाजा नई सरकार पर सबकी निगाहें टिकी हैं। चुनाव आचार संहिता के चलते सरकारी महकमे भी नीतिगत फैसला लेने से फिलहाल दूर हैं। ऐसे में प्री.टीचर एज्यूकेशन टेस्ट-2019 के आयोजन और नोडल एजेंसी तय करने की प्रक्रिया भी नई सरकार के गठन के बाद होगा।
चलेगा चार वर्षीय पाठ्यक्रम..
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश में सभी कॉलेज-विश्वविद्यालयों में बीएड का चार वर्षीय नियमित पाठ्यक्रम चलाने को मंजूरी दी है। इसकी शुरुआत सत्र 2019-20 अथवा 2020-21 से होनी है। ऐसे में पीटीईटी के आयोजन पर भी नई सरकार को तकनीकी रूप से विचार-विमर्श के बाद नीतिगत फैसला लेना होगा