मंचों पर से चिल्ला-चिल्ला कर उन्हें फेल कहा गया, लेकिन जनता ने सारा हिसाब बराबर कर दिया।
उपेन्द्र शर्मा/अजमेर।
नवनिर्वाचित सांसद रघु शर्मा का कहना है कि सरकार की मुखिया, चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी, संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम, बी.पी. सारस्वत और अन्य भाजपा नेताओं ने उपचुनाव के दौरान उन्हें राजनीति का फेल स्टूडेन्ट करार दिया। मंचों पर से चिल्ला-चिल्ला कर उन्हें फेल कहा गया, लेकिन जनता ने सारा हिसाब बराबर कर दिया।
और जो खुद को घमंड में पास समझ रहे थे, वे खुद ही फेल हो गए। सांसद शर्मा ने जीत के बाद राजस्थान पत्रिका से खास बातचीत में यह बात कही। शर्मा से बातचीत के प्रमुख अंश-
पत्रिका : इस जीत पर क्या कहेंगे?
शर्मा : पूरे प्रदेश में कांग्रेस को जीत मिली है। मुझे बेहद खुशी है कि जनता का आशीर्वाद मिला है। मैं कार्यकर्ताओं का ऋणी हो गया हूं।
पत्रिका : कैसा लग रहा है जिस जिले में पैदा हुए, वहां का सांसद बनकर?
शर्मा:- यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं एक साधारण ब्राह्मण शिक्षक के परिवार (सावर में) में जन्मा। न कोई राजनीतिक विरासत न कोई आॢथक संरक्षण, फिर भी जन सहयोग से आज यह मुकाम मिला है।
पत्रिका : आपने भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप लाम्बा को अपना छोटा भाई बताया, फिर भी विपक्षियों ने बहुत ओछे बयान आपके खिलाफ दिए?
शर्मा : मैंने रामस्वरूप के खिलाफ कोई ओछा बयान नहीं दिया। न ही कभी दूंगा। मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं। लेकिन संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम का वायरल वीडियो (अपशब्द) हो या देवनानी, सराफ के बयान, सबने जनता को मेरी तरफ कर दिया।
पत्रिका : आपको संसद में सिर्फ 13-14 महीने ही काम ? करने को मिलेंगे। ऐसे में कौनसे मुद्दे उठाना चाहेंगे?
शर्मा : पूर्व सांसद सचिन पायलट द्वारा अजमेर में शुरू की गई तमाम योजनाओं की अब तक की प्रगति की जानकारी लेंगे और अजमेर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और टे्रनों की व्यवस्था में सुधार पर फोकस करेंगे।
पत्रिका : कांग्रेस की इस जीत से प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के कद पर क्या फर्क पड़ेगा?
शर्मा : पायलट का कद पहले ही काफी ऊंचा है और इस जीत से उस में और बढ़ोत्तरी होगी। पायलट राजस्थान की उम्मीदों की नई मशाल हैं, जिसके पीछे हर वर्ग के लोग एकजुट हैं।
जब तक काला तब तक ताला अभियान पर जनता की मोहर
सांसद शर्मा का कहना है कि घमंड में चूर राज्य सरकार और उसके भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने वाले काले कानून के खिलाफ जो अभियान पत्रिका ने चला रखा है वो अत्यंत प्रशंसनीय है। इस अभियान की चर्चा हर गांव-ढाणी में हो रही है। कांग्रेस की जीत में भी इसकी अहम भूमिका है। हमें प्रचार के दौरान कई लोगों ने इस विषय में कहा और जनता में सरकार के प्रति आक्रोश भी इसी तरह के कानून और सरकारी कामकाज के तरीकों की वजह से है। संसद में जब भी मौका मिलेगा, इस कानून और राज्य सरकार के रवैये के बारे में पुरजोर आवाज उठाएंगे।
'पत्नी और बेटा बने ताकतÓ
शर्मा ने कहा कि कार्यकताओं के अतिरिक्त इस चुनाव में पत्नी वीरा शर्मा ने अजमेर शहर में और बेटे सागर शर्मा ने केकड़ी में जमकर मेहनत की। जब 40 हजार तक की लीड हासिल की तो सबसे पहले पत्नी से ही बात की। तसल्ली है कि उनकी मेहनत कामयाब हुई।