अजमेर

रेलवे की तीन बड़ी परियोजनाएं बनी मजाक

अजमेर-कोटा, अजमेर-सवाई माधोपुर और पुष्कर-मेड़ता के बीच बिछाई जानी है रेल पटरियां, जरूरत 16 सौ करोड़ रुपए की, केन्द्र सरकार ने थमाए महज 30 लाख रुपए
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Jul 16, 2019
Railway's three big projects made fun
Ralway track .. demo pic

सुरेश लालवानी. अजमेर.

पिछले दस साल से अजमेर, कोटा और सवाईमाधोपुर से जुड़ी तीन बड़ी रेल परियोजनाएं रेलवे मंत्रालय के लिए संभवत: मजाक से अधिक कुछ नहीं है। रेल अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के दावों और वादों के बावजूद केन्द्र सरकार इन परियोजनाओं को मूर्त देने के मूड में नजर नहीं आ रही है। इसका सबूत यह है कि इन तीन रेलवे परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक अनुमानित लागत लगभग 16 अरब रुपए आंकी गई थी जबकि केन्द्र सरकार ने महज 30 लाख रुपए ही स्वीकृत किए हैं।
कोटा, सवाईमाधोपुर और बीकानेर जिलों से अजमेर का रेलवे के माध्यम से सीधा संपर्क जोडऩे के लिए इन तीन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की कल्पना तो लगभग 15 वर्ष पूर्व ही कर ली गई थी लेकिन रेलवे और सरकारों की धीमी रफ्तार की वजह से इनको बाकायदा फाइल में आने में ही पांच से सात साल खर्च हो गए।

8 वर्ष पूर्व हो चुका सर्वे
अजमेर-कोटा और अजमेर-सवाई माधोपुर वाया टोंक के बीच नई रेलवे लाइन बिछाने का सर्वे लगभग 8 वर्ष पूर्व कर लिया गया। इसके साथ ही अजमेर-पुष्कर के बीच रेलवे लाइन बिछाने के बाद पुष्कर के मेड़ता के बीच नई रेल लाइन बिछाने की योजना भी बना ली गई। पुष्कर से मेड़ता के बीच महज 59 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाने से अजमेर का बीकानेर और उत्तर भारत से सीधा संपर्क संभव हो जाता। सर्वे पूरा होने के बाद उम्मीद थी कि इन तीनों रेलवे परियोजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति जल्द ही मिल जाएगी लेकिन पिछले आठ वर्ष से इन तीनों अहम रेलवे परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

हर साल मिलते हैं एक से 10 लाख रुपए
केन्द्र सरकार इन तीनों रेलवे परियोजनाओं के प्रति कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले कई बजट में इन परियोजनाओं के लिए महज एक से 10 लाख रुपए की राशि ही स्वीकृत की जाती है। इतनी राशि में तो एक किलोमीटर रेल लाइन भी डालना संभव नहीं है। इस साल के बजट में भी इन तीनों रेलवे परियोजनाओं के लिए 10-10 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

दुगुनी हो चुकी है लागत
अजमेर-कोटा के बीच 145 किलोमीटर रेल परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमानित लागत 8 अरब 21 करोड़ 90 लाख रुपए, अजमेर-सवाई माधोपुर के लिए 165 किलोमीटर रेल परियोजना के लिए 4 अरब 36 करोड़ 85 लाख रुपए आंकी गई थी। अजमेर-सवाईमाधोपुर लाइन को अजमेर-कोटा से जोडऩे का प्रस्ताव है। इसके अलावा पुष्कर-मेड़ता के बीच 59 किलोमीटर रेल लाइन डालने के लिए 3 अरब 22 करोड़ 95 लाख रुपए लागत आंकी गई थी। अब 10 साल के बाद यह प्रारंभिक अनुमानत लागत भी लगभग दोगुनी हो चुकी है।

Published on:
16 Jul 2019 06:01 am