अजमेर

जिसे देखकर आती थी लोगों को शर्म, इन्होंने चमका दिया उसका चेहरा

महिला सफाई कर्मचारियों से किसी प्रकार के दुव्र्यव्हार की भी जानकारी ली लेकिन महिलाओं ने इस तरह की घटनाओं के इन्कार किया।

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Jun 18, 2018
clean station
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अजमेर

रेल प्रशासन और जन सहभागिता से लगभग 500 अधिकारियों-कर्मचारियों व शहरवासियों ने रेलवे स्टेशन पर विशेष सफाई अभियान चलाकर स्टेशन का चप्पा-चप्पा चमका दिया। अभियान में मंडल रेल प्रबंधक राजेशकुमार कश्यप, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जसराम मीणा, नगर निगम के आयुक्त हिमांशु गुप्ता, पुलिस उप अधीक्षक अदिति कांवट, निरंकारी सेवा दल, स्काउट गाइड, आरपीएफ व जीआरपी जवान, ब्रह्मकुमारीज सदस्य सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं रेलवे कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

इस अवसर पर कश्यप ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर रोजाना सफाई कार्य किया जाता है । अलबत्ता इस तरह के अभियान के माध्यम से आमजन और रेल यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई रखना प्रत्येक नागरिक का कत्र्तव्य है।

जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

सफाई अभियान के बाद डीआरएम कश्यप सहित अधिकारियों ने रेलवे प्लेटफार्म नंबर एक के फर्श पर ही बैठकर रेलवे सफाई कर्मचारियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने उनकी भविष्य निधि व वेतन संबंधी समस्याओं की जानकारी ली एवं अधिकारियों को सात दिन में निराकरण के आदेश दिए। उन्होने महिला सफाई कर्मचारियों से किसी प्रकार के दुव्र्यव्हार की भी जानकारी ली लेकिन महिलाओं ने इस तरह की घटनाओं के इन्कार किया।

80 दिन खाली रहा था पद
बीते साल 10 जुलाई को डॉ. ललित. के. पंवार के बाद सरकार ने तत्काल आयोग के सदस्य श्याम सुंदर शर्मा को अध्यक्ष नियुक्त किया था। शर्मा का कार्यकाल 28 सितम्बर 2017 को खत्म हो गया था। इसके बाद 80 दिन तक आयोग में अध्यक्ष पद रिक्त रहा। सरकार ने 17 दिसम्बर को डॉ. राधेश्याम गर्ग को अध्यक्ष नियुक्त किया। जिन्होंने 18 दिसम्बर को कार्यभार संभाला था।

अब 47 दिन से पद खाली

आयोग के नियमानुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से पूर्व अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम गर्ग का कार्यकाल 1 मई को पूरा हो गया। सरकार के स्थाई अथवा कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति आदेश नहीं देने पर डॉ. गर्ग पद त्याग (रिलेंक्विश) कर चले गए। इसके बाद 47 दिन बीत चुके हैं। मगर सरकार ने स्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति या वरिष्ठ सदस्य को कार्यभार सौंपने के आदेश जारी नहीं किए हैं।

नियमों के भरोसे चला रहा आयोग
पिछली बार की तरह इस बार भी आयोग नियमों के भरोसे संचालित है। यहां स्थाई या कार्यवाहक अध्यक्ष नहीं होने पर नियमानुसार वरिष्ठतम सदस्य कामकाज संभालते है, ताकि आयोग के नियमित कार्यों में दिक्कतें नहीं हो। साक्षात्कार या अहम परीक्षा चलने की स्थिति में फुल कमीशन की बैठक होती है। कमीशन वरिष्ठतम या उनकी गैर मौजूदगी में अन्य सदस्य को परीक्षा एवं साक्षात्कार बोर्ड तय करने के लिए अधिकृत करता है।

Updated on:
17 Jun 2018 03:58 pm
Published on:
18 Jun 2018 11:10 am