Rain Alert in Rajasthan : तीर्थराज पुष्कर में मानसून ( Monsoon 2019 ) की पहली बरसात से जहां सरोवर में पानी की आवक शुरू हो गई है वहीं कस्बे में जगह-जगह गंदा पानी भरने से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। पुष्कर कस्बे के वराह घाट चौक, पुराना रंगनाथ मंदिर, माली मोहल्ला, परिक्रमा मार्ग, गुरुद्वारा मार्ग सहित अनेकों जगह पर कस्बे का गंदा पानी 3 फीट तक एकत्र हो गया है...
अजमेर। Rain Alert in Rajasthan... तीर्थराज पुष्कर में मानसून ( monsoon 2019 ) की पहली बरसात से जहां सरोवर में पानी की आवक शुरू हो गई है वहीं कस्बे में जगह-जगह गंदा पानी भरने से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। पुष्कर ( Pushkar ) कस्बे के वराह घाट चौक, पुराना रंगनाथ मंदिर, माली मोहल्ला, परिक्रमा मार्ग, गुरुद्वारा मार्ग सहित अनेकों जगह पर कस्बे का गंदा पानी 3 फीट तक एकत्र हो गया है। चारों ओर पानी ही पानी नजर आने लगा है। ऐसा महसूस हो रहा है मानो पुष्कर कस्बा जलमग्न हो गया है। अजमेर में तडक़े 4 बजे से बारिश का ( Heavy Rain in Ajmer ) दौर जारी है। 7 बजे तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। घनघोर बादलों से शहर में अंधेरा सा हो गया है। तेज बारिश से सडक़ों, नालों में तेज बहाव से पानी बह रहा है। अजमेर में तेज बारिश के बाद कलेक्टर ने स्कूलों में अवकाश के आदेश दे दिए गए है।
वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) की घोषणा रह गई धरी
वहीं पुष्कर सरोवर में कस्बे का गंदा पानी भी गिरने लगा है तथा श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही है। वराह घाट चौक से नरसिंह घाट होते हुए एवं जयपुर घाट होते हुए कस्बे का एकत्रित गंदा पानी का गंदा पानी पुष्कर सरोवर में गिर रहा है। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पुष्कर सरोवर में गंदे पानी की जावक रोकने के लिए चार करोड़ 10 लाख रुपए की घोषणा की थी जो कागजी राह गई। 10 अक्टूबर 2018 को ब्रह्मा मंदिर के एंट्री प्लाजा लोकार्पण समारोह के दौरान शिरकत करने आई तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पुष्कर के मेला मैदान में पुरोहितों की मांग पर यह घोषणा की थी, लेकिन पूरा कार्यकाल बीतने के बाद भी इस घोषणा पर कोई अमल नहीं हो सका। यही कारण रहा कि पुष्कर सरोवर में गंदे पानी की आवक को रोकने की अभी तक कोई प्रयास नहीं हो सके हैं।
गंदगी के साथ आ रही प्लास्टिक की थैलियां
बरसात आने के साथ ही एक बार फिर पुष्कर सरोवर का कस्बे का अथाह गंदगी पानी पुष्कर सरोवर में गिरना शुरू हो गया। खास बात यह रही कि इस गंदे पानी के साथ कस्बे का सारा मलवा गंदगी प्लास्टिक की थैलियां भी पुष्कर सरोवर में गिरने लगी है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के परिवर्तन होने के बाद भी पुष्कर सरोवर की दुर्दशा पर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है तथा जगतपिता ब्रह्मा के पवित्र पुष्कर सरोवर में गंदे पानी की आवक को रोकने की कोई ठोस योजना नहीं बन सकी है।