अजमेर

झमाझम बारिश में नहाई ख्वाजा की नगरी, हल्की तो कभी तेज फुहारों का चल रहा दौर

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Sep 22, 2018
rain

अजमेर। चक्रवाती तूफान के कारण शनिवार को मौसम में बदलाव नजर आया। अलसुबह से छाए बादलों ने आसमान को घेरे रखा। बादलों ने शहर में कई जगह फुहारें छोड़ी। बादल छाने और हवा चलने से मौसम में मामूली ठंडक भी रही। बादल छाने और हवा चलने से मौसम में मामूली ठंडक भी रही। रोजाना की तरह शनिवार को भी मौसम सामान्य रहा।

बौछारों ने बढ़ाई ठंडक
अल सुबह से मंडराए बादलों ने शहर में सुबह 6.30 बजे वैशाली नगर, रामगंज, सुभाष नगर, पंचशील, माकड़वाली रोड, स्टेशन रोड, कचहरी रोड, सावित्री चौराहा, जयपुर रोड और अन्य जगह फुहारें छोड़ी। इसके बाद दोपहर 12 बजे बाद भी रुक-रुक कर कई जगह हल्की तो कहीं तेज फुहारों का दौर करीब चलता रहा। मंद बयार चलने और बादलों के कारण मौसम में ठंडापन रहा। जिले में भी कुछेक जगह बौछारें पड़ी।

बढ़ेगी पानी की किल्लत
कम बरसात के चलते जिले के अधिकांश तालाब और बांध खाली पड़े हैं। इस साल के मानसून के 8 दिन और बचे हैं। पर्याप्त बरसात नहीं हुई है। इससे पानी की किल्लत बढ़ सकती है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को हैंडपम्प और टैंकर के भरोसे रहना पड़ रहा है। मालूम हो कि मानसून 1 जून से 30 सितम्बर तक ज्यादा सक्रिय रहता है। जिले में सिर्फ 351.58 मिलीमीटर ही बरसात हुई है। जबकि औसत बरसात 550 मिलीमीटर मानी जाती है। जिला सातवें साल औसत बरसात के आंकड़े से दूर रहेगा।

फिर से मानसूनी हलचल
राजधानी जयपुर में भी आज शनिवार सुबह से ही बारिश की रिमझिम झड़ी लगी हुई है। बादलों की आवाजाही के बीच कभी तेज तो कभी हल्की बारिश का दौर बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों से भी बारिश की खबरें है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तंत्र और उत्तरी पाकिस्तान से होकर हिमालय क्षेत्र की ओर बढ़ रहे दो पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश समेत उत्तर पूर्वी राज्यों में फिर से मानसूनी हलचलें बढऩे लगी हैं। जिससे 24 से 26 सितंबर तक प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

Published on:
22 Sept 2018 03:14 pm