अप्रेल के पहले पखवाड़े में पारा 42.5 डिग्री तक पहुंच गया। यह लगात 40 से 42 डिग्री के बीच ही बना हुआ था।
अजमेर.
टपका-टपकी, हवा चलने और बादल छाए रहने से मौसम में बदलाव हुआ। मंगलवार को जिले के केकड़ी उपखंड के पारा और धूंधरी में अंधड़ संग बरसात हुई। यहां चने के आकार के ओले गिरे। अजमेर में सुबह और दोपहर को हल्की फुहारें पड़ी। दिनभर बादल छाने और हवा चलने से मौसम में कुछ ठंडक रही। सूरज की तपन महसूस नहीं हुई। अधिकतम तापमान लुढक़ता हुआ 29.6 डिग्री पर पहुंच गया। सूरज के तमताम करीब एक महीने बाद पारा 30 डिग्री के नीचे गिरा है।
सोमवार को प्रदेश में कई जगह तेज हवा संग हुई बरसात का असर अजमेर में भी दिखा। मंगलवार सुबह हवा में हल्का ठंडापन महसूस हुआ। सुबह करीब 9.20 बजे शहर के वैशाली नगर ,पंचशील, माकड़वाली रोड और अन्य इलाकों में हल्का बूंदाबांदी हुई। सूरज अधिकांश समय बादलों की ओट में रहा। बादल मंडराते रहे। मंद-मंद हवा भी चली। इसके चलते गर्मी का असर कुछ कम महसूस हुआ। न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री रहा।
पारा-धूंधरी में ओले
जिले के पारा और धूंधरी में तेज हवा संग अंधड़ आया। यहां बरसात संग चने के आकार के ओले गिरे। आसपास के इलाकों में भी फुहारें पड़ी। तीर्थराज पुष्कर में भी बादल छाए रहे। यहां हल्की बौछारें भी पड़ी। जिले के अन्य इलाकों में भी हल्की फुहारें-बूंदाबांदी होने के समाचार हैं।
एक महीने बाद 30 डिग्री के नीचे
बीते मार्च के पहले पखवाड़े में अधिकतम पारा 27.7 से 29.2 डिग्री के आसपास था। इसके बाद सूरज की प्रचंडता बढ़ती चली गई। अप्रेल के पहले पखवाड़े में पारा 42.5 डिग्री तक पहुंच गया। यह लगात 40 से 42 डिग्री के बीच ही बना हुआ था। सोमवार शाम को मौसम बदलने के साथ पारे के तेवर ढीले पड़े हुए हैं। बादल छाने, टपका-टपकी और हवा चलने से पारा एक महीने बाद 30 डिग्री से नीचे पहुंचा है।