सितंबर के पहले पखवाड़े से अमूमन मानसून सुस्त पड़ जाता है। लेकिन इस बार सितंबर के शुरुआत में भी इंद्रदेव जबरदस्त मेहरबान रहे हैं।
अजमेर. मानसून प्रदेश और जिले पर मेहरबान है। अजमेर जिले की बरसात का आंकड़ा 900 मिलीमीटर तक पहुंच चुका है। मजेदार बात यह है कि इस बार 39 दिन में ही 601 मिलीमीटर बरसात हो गई। जबकि जिले औसत बरसात (122 दिन में) सिर्फ 550 मिलीमीटर है।
जिले में 1 जून से 4 जुलाई तक महज 37 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इसके बाद 5 से 7 जुलाई तक मानसून के जिले के पीसांगन, अजमेर, ब्यावर, रूपनगढ़, पुष्कर को झमाझम बरसात से भिगोया। इससे बरसात का आंकड़ा बढक़र 89.2 मिलीमीटर तक पहुंच गया। इसके बाद 27 से 29 जुलाई तक 176.83 मिलीमीटर बारिश हुई। 31 जुलाई को जिले की बरसात का आंकड़ा 318.55 मिलीमीटर तक पहुंचा था।
अगस्त ने बदला आंकड़ा
इस बार अकेले अगस्त में ही 350 मिलीमीटर बरसात हो गई। इनमें से 1 अगस्त को अजमेर में चार घंटे में 114.2 और 16 और 17 अगस्त को 140 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई। इससे बारिश का आंकड़ा बढक़र 668. 55 मिलीमीटर हो गया।
सितंबर में 251 मिलीमीटर बारिश
1 से 8 सितंबर तक 251.45 मिलीमीटर बरसात और हो चुकी है। यह पिछले 20 साल में सितंबर में होने वाली सर्वाधिक बारिश है। सितंबर के पहले पखवाड़े से अमूमन मानसून सुस्त पड़ जाता है। लेकिन इस बार सितंबर के शुरुआत में भी इंद्रदेव जबरदस्त मेहरबान रहे हैं।
देश की औसत बारिश के करीब
मानसून की चार माह की अवधि (जून से सितंबर) होती है। देश में सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की कुल औसत बारिश 1156 मिलीमीटर (प्रतिवर्ष) मानी गई है। अजमेर जिला देश की औसत बारिश आंकड़े से 276 मिलीमीटर दूर है। मानसून मेहरबान रहा तो जिला यह आंकड़ा पार कर सकता है।