
Ajmer News : राजस्व मंडल के सांख्यिकी विभाग के जरिए प्रदेशभर में फसल उत्पादन व खराबे के आंकड़े तैयार करने के लिए की जा रही गिरदावरी 15 मई तक संपन्न होगी। इसके लिए प्रदेशभर के कृषि योग्य खसरो के आंकड़े तैयार किए जा रहे हैैं। इस बार गिरदावरी डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
इसमें पटवारी को मौके पर जाकर खेत में फसल की रियल टाइम फोटो खींच कर मोबाइल में सर्वे डाटा में अपडेट करना होगा। हालांकि इससे पूर्व हो रही ई-गिरदावरी में मौके पर जाकर रियल टाइम फोटो अपलोडिंग का प्रावधान नहीं था। इस प्रक्रिया से खराबे के साथ ही उत्पादन का भी सटीक आंकलन हो सकेगा।
उप निबंधक हेमंत माथुर के निर्देशन में किया जा रहा डीसीएस 15 तक चलेगा। इसके बाद सांख्यिकी विभाग की उपनिदेशक बीना सिंह के जरिए डेटा राजस्व व कृषि विभाग को प्रेषित किया जाएगा।
कुल खसरे- 4 करोड़ 51 लाख 38 हजार 227।
सरकारी खसरे - 87 लाख 89 हजार 587।
कृषि योग्य खसरे - 1 लाख 38 हजार 490।
सिंचिंत क्षेत्र - 96 लाख 44 हजार 842 हैक्टेयर।
असिंचित क्षेत्र - 1 करोड़ 32 लाख 12 हजार 840 हैक्टेयर।
खरीफ - सियालू
बुवाई - 16 सितबर से 15 अक्टूबर।
रबी - उन्हालू।
बुवाई - 1 फरवरी से 5 मार्च।
जायद विशेष
बुवाई - उन्हालू 1 मई से 15 मई।
खरीफ - मूंगफली, बाजारा, ज्वार, चना, दालें, काला मूंग व दलहन।
रबी - गेहूं, जौ, सरसों, मूंग, तिल।
जायद - तरबूज, खरबूजा, खीरा, टमाटर, बैंगन आदि सहित मौसमी सब्जियां।