2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में महिला का अपहरण कर 6 महीने तक बनाया बंधक, नशीली दवाएं देकर की दरिंदगी; 8 दरिंदों पर केस दर्ज

अजमेर में विवाहिता के अपहरण और छह महीने तक बंधक बनाकर दरिंदगी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने नशीली दवा देने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और धमकाने के आरोप लगाए। पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज किया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Arvind Rao

•

Updated: 2 Nov 2026, 8:56 AM IST

UP News

हमीरपुर में घर के बाहर खेल रही 3 साल की बच्ची को उठा ले गया आरोपी

Ajmer Crime News: दो साल पहले विवाहिता का अपहरण कर पीसांगन क्षेत्र में बंधक बनाने और उसके साथ दरिंदगी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोपी पर नशीली दवा खिलाकर दरिंदगी करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने व विरोध करने पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। पीड़िता की रिपोर्ट पर रामगंज थाना पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण, बंधक बनाने व दरिंदगी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, 36 वर्षीय विवाहिता ने रिपोर्ट में बताया कि 10 जुलाई 2024 की सुबह करीब 10 बजे वह घर में घरेलू कामकाज कर रही थी। तभी पीसांगन निवासी राहुल, पारस, आनंद, सुनील, ज्ञानदास, जगदीश, घनश्याम रेगर और अजीत सहित अन्य लोग एकराय होकर घर में घुस आए। आरोपी उसे जबरन अगवाकर पीसांगन के पगारा क्षेत्र में ले गए। वहां एक कमरे में बंधक बना दिया। इसके बाद राहुल को छोड़कर अन्य आरोपी चले गए।

पीड़िता का आरोप है कि राहुल ने उसे बंधक बनाकर रखा और लगातार उसकी इच्छा के विरुद्ध दरिंदगी की। आरोपी उसे नशीली दवाएं देता था। घर छोड़ने की गुहार लगाने पर भी उसके साथ मारपीट करता था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने नशे की हालत में उसके आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए। किसी को घटना बताने पर वीडियो वायरल कर बदनाम करने और बच्चों को जान से मरवाने की धमकी देता था।

जेवरात भी हड़पने का आरोप

पीड़िता ने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि अचेतावस्था में उसके सोने-चांदी के जेवरात भी उतरवा लिए गए। पीड़िता ने आरोपियों से जेवरात बरामद करवाने की मांग की है।

छह महीने पहले चंगुल से निकली

पीड़िता के अनुसार, करीब छह महीने पहले वह मौका पाकर आरोपी राहुल के चंगुल से निकलकर ब्यावर जिले में स्थित अपनी बहन के घर पहुंची। नशीली दवाओं के प्रभाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण वह तत्काल शिकायत नहीं कर सकी। उसके स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसने परिजन को आपबीती सुनाई। इसके बाद 31 अक्टूबर को रामगंज थाने पहुंचकर रिपोर्ट दी।

आठ नामजद के खिलाफ जांच

पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज किया है। मामले का अनुसंधान थाना प्रभारी हरिपाल सिंह कर रहे हैं।