नगर निगम अजमेर के चार अधिकारियों को Municipal Corporation Ajmer: एपीओ करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इन अधिकारियों का मुख्यालय जयपुर रखा जाएगा ताकि वे जांच प्रक्रिया को किसी भी तरह प्रभावित न कर सकें।
Ajmer Nagar Nigam: अजमेर. अजमेर नगर निगम में नियमों के विरुद्ध पट्टे जारी किए जाने के मामले में राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि पिछले छह महीनों में नगर निगम अजमेर द्वारा जारी सभी पट्टों की जांच अतिरिक्त जिला कलेक्टर स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। इस पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
विधानसभा में शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी द्वारा लाए गए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि इस मामले में नगर निगम अजमेर के चार अधिकारियों को एपीओ करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। इन अधिकारियों का मुख्यालय जयपुर रखा जाएगा ताकि वे जांच प्रक्रिया को किसी भी तरह प्रभावित न कर सकें। जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उनमें उपायुक्त (विकास) कीर्ति कुमावत, वरिष्ठ प्रारूपकार सुरेश चौधरी, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) राजेश मीणा और कनिष्ठ सहायक सादिक हुसैन शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि ग्राम थोक तेलियान की खसरा संख्या 2227 से जुड़ी भूमि 1971 में नगर सुधार न्यास अजमेर द्वारा अधिग्रहित की गई थी, लेकिन मुआवजे के मामले में सहमति नहीं बनने के कारण राजस्व रिकॉर्ड में भूमि का नामांतरण नहीं हो सका। बाद में इस भूमि पर आवासीय नक्शा स्वीकृत किया गया, जिसे शिकायत मिलने पर कृषि भूमि पाए जाने के कारण निरस्त कर दिया गया।
इसके अलावा एक मामले में आवेदक ने न्यायालय में लंबित वाद की जानकारी छिपाकर गलत शपथ पत्र के आधार पर पट्टा प्राप्त कर लिया था। नगर निगम ने इस पट्टे को निरस्त कर दिया है और आवेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
स्वायत्त शासन मंत्री ने कहा कि जिला कलेक्टर अजमेर की निगरानी में पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।