
ईआरसीपी पर भाजपा और कांग्रेस के बीच पलटवार जारी है। आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि ईआरसीपी को लेकर हालिया किए गए एमओयू से राजस्थान को नुकसान और मध्यप्रदेश को फायदा होगा। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, एमओयू में केवल 2.8 लाख हैक्टेयर भूमि सिंचाई का जिक्र है। मध्यप्रदेश 2 बांध पहले ही बना चुका है। एमओयू के बाद 3 नए बांध बनाएगा। राजस्थान को पानी भी कम मिलेगा, बांध भी ज्यादा नहीं बनेंगे।
हालिया समझौते में कितने बांध जुड़ेंगे इसका जिक्र नहीं
राठौड़ ने कहा कि हालिया समझौते में कितने बांध जुड़ेंगे उसका जिक्र नहीं है। पेयजल, सिंचाई जल और उद्योगों के लिए जल की उपलब्धता स्पष्ट नहीं है।
सिर्फ 1775 एमसीएम पानी होगी उपलब्ध
राठौड़ ने बुधवार को प्रेसवार्ता में कहा कि 13 दिसंबर 2022 को हुई रिवर इंटरलिंकिंग विशेष समिति की 20वीं बैठक के मिनट्स को आधार बनाया गया है। जिसमें 13 जिलों को नई परियोजना से पूर्वी राजस्थान को 1775 एमसीएम पानी ही उपलब्ध हो सकना बताया गया।