अजमेर

RAS-2018: द्वितीय चरण के साक्षात्कार 31 से

साक्षात्कार 31 मार्च से 7 मई तक तक चलेंगे। आयोग अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र अपलोड कर चुका है।
2 min read
• •
Updated: 29 Mar 2021, 7:42 AM IST
rpsc ajmer
rpsc ajmer

अजमेर.

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2018 के द्वितीय चरण का साक्षात्कार कार्यक्रम जारी कर दिया है। साक्षात्कार 31 मार्च से 7 मई तक तक चलेंगे। आयोग अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र अपलोड कर चुका है।

सचिव शुभम चौधरी ने बताया कि आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती-2018 के तहत मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के साक्षात्कार कराए जाएंगे। द्वितीय चरण के साक्षात्कार 31 मार्च से 7 मई तक कराए जाएंगे। इनमें 1709 अभ्यर्थी शामिल होंगे। मालूम हो कि प्रथम चरण के साक्षात्कार 22 से 26 मार्च तक पूरे हो चुके हैं। इसमें 300 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए गए हैं। आयोग ने कुल 1051 पदों की एवज में 2010 अभ्यर्थियों को पास किया है।

अभ्यर्थियों के लिए खास...
सचिव ने बताया कि साक्षात्कार के समय अभ्यर्थियों को मूल प्रमाण पत्र और फोटो प्रति साथ लानी जरूरी होगी। इसके बगैर साक्षात्कार से वंचित कर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन भरे गए विस्तृत आवेदन पत्र की प्रति, अटेस्टेशन फॉर्म एवं प्राथमिकता क्रम की दो प्रतियां मय संलग्नक दस्तावेजों के साक्षात्कार के समय आयोग में प्रस्तुत करनी होगी। ऑफाइन विस्तृत आवेदन पत्र और प्राथमिकता क्रम स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

होलिका दहन के बाद रंग और गुलाल

अजमेर. रंगों का त्यौंहार होली शहर में पारम्परिक तरीके से मनाया जा रहा है। रविवार को लोगों ने विभिन्न स्थानों पर मंत्रोच्चार से पूजा-अर्चना के साथ होलिका दहन कर घर-परिवार में खुशहाली की कामना की। सोमवार को धूलंडी मनाई जा रही है। लोग एकदूसरे को गुलाल, अबीर और रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं देंगे।
होलीदड़ा, नया बाजार, पुरानी मंडी, मदार गेट, कवंडसपुरा, डिग्गी बाजार, ऊसरी गेट, दरगाह बाजार, नला बाजार, आदर्श नगर, बिहारी गंज, प्रकाश रोड, धौला भाटा, अलवर गेट, रामगंज, केसरगंज, सुभाष नगर, शास्त्री नगर, नाका मदार, गुलाबबाड़ी, वैशाली नगर, बी.के. कौल नगर, हरिभाऊ उपाध्याय नगर, लोहागल रोड, पंचशील, फायसागर रोड सहित अन्य इलाकों में चौराहों-मैदान में होली बनाई गई। शुभ मुर्हूत के अनुसार शाम 7 बजे बाद होलिका का विधि विधान से दहन किया गया। इस दौरान भक्त प्रहलाद को प्रतीकात्मक रूप से बचाया गया। लोगों ने होलिका की फल-फूल,मिठाई, गोबर की माला, नारियल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की।

Published on: