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अजमेर. राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा केन्द्रों पर इन्टरनेट, फोटो स्टेट और हॉस्टल संचालन बंद रहेगा। उडऩदस्ते प्रतिदिन परीक्षा की शुरुआत से 45 मिनट पूर्व पेपर खोलने, वितरण और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। यह बात बोर्ड के प्रशासक नथमल डिडेल ने मंगलवार को विशेष उडऩदस्तों और संयोजकों की बैठक के दौरान कही।
डिडेल ने कहा कि सूचनाक प्रौद्योगिकी और तकनीकी दौर में प्रश्न पत्रों की सुरक्षा बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा है। दसवीं-बारहवीं की परीक्षाओं के दौरान कोताही बर्दाशत नहीं की जाएगी। ब्लॉक से निदेशालय स्तर तक परीक्षा की मॉनिटरिंग की जाएगी। शिक्षकों, अधिकारियों को इसमें खास ध्यान देना होगा। अवकाश के दौरान भी पेपर की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा। साथ ही उडऩदस्तों को नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल की रोकथाम करनी होगी। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हो इसके लिए बोर्ड, शिक्षकों, उडऩदस्तों, पुलिस और प्रशासन को मिल जुलकर कामकाज करने की आवश्यकता है।
उडऩदस्ते रखेंगे निगरानी
सचिव मेघना चौधरी ने कहा कि उडऩदस्तों को जिले के अंदरूनी और दूरस्थ इलाकों में परीक्षा केंद्रों का खास निरीक्षण करना होगा। परीक्षाओं में 190 उडऩदस्ते बनाए गए हैं। इनमें 60 विशेष उडऩदस्ते भी शामिल हैं। इन्हें प्रतिदिन चार से पांच केंद्रों का निरीक्षण करना होगा। केंद्रों के बाहर संदिग्ध लोगों की गतिविधियों सहित केंद्रों में फर्नीचर, लाइट और आवश्यक संसाधनों पर नजर रखनी होगी। व्यवस्था प्रत्येक जिले में एक विशेष उडऩदस्ता, संवेदनशील और बड़े जिलों में दो विशेष उडऩदस्तों का गठन किया गया है। यह उडऩदस्ते शिक्षा उपनिदेशक, जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा गठित उडऩदस्तों के अतिरिक्त होंगे। वे आगामी परीक्षाओं में सुधार के सुझाव भी दे सकेंगे।
पेपर खोलने-वितरण पर रखेंगे नजर
निदेशक (गोपनीय) जी.के. माथुर ने कहा कि उडऩदस्ते प्रतिदिन परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पूर्व किसी भी केंद्र पर पेपर खोलने, वितरण करने और अन्य व्यवस्थाओं को देखेंगे। पुलिस थाना/चौकी पर रखे पेपर का निरीक्षण कॉर्डिनेर के साथ करेंगे। उन्हें एकल और नोडल केंद्रों पर रात्रिकालीन निगरानी भी करनी होगी। बैठक में विशेषाधिकारी नीतू यादव, वित्तीय सलाहकार आनंद आशुतोष ने भी संबोधित किया। संचालन उप निदेशक राजेंद्र गुप्ता ने किया।