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अजमेर.
राजस्थान लोक सेवा आयोग की दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच आयोजित हुई। उपनिरीक्षक पुलिस प्रतियोगी परीक्षा-2018 में अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद प्रवेश मिला। सुबह की पारी में 42.41 और द्वितीय पारी में 42.43 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। दो लाख अभ्यर्थी भी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। सिरोही में सर्वाधिक और दौसा में सबसे कम उपस्थिति रही।
प्रदेश के कुल 1366 केंद्रों पर उप निरीक्षक पुलिस प्रतियोगी परीक्षा-2016 परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें 4 लाख 69 हजार 488 पंजीकृत थे। आयोग ने परीक्षा में नकल और गड़बडिय़ां रोकने के लिए कड़े बंदोबस्त किए। सुबह 8 बजे से अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पहुंचना शुरू हो गए। यहां ई-एडमिट कार्ड देखने और पुलिसकर्मियों द्वारा तलाशी लिए जाने के बाद ही उन्हें केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
सिरोही में सबसे कम, दौसा में सर्वाधिक उपस्थिति
उप निरीक्षक पुलिस परीक्षा प्रतियोगी परीक्षा में सबसे कम उपस्थिति सिरोही जिले में रही। यहां कुल 4004 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। प्रथम पारी में मात्र 81 और द्वितीय में 82 अभ्यर्थी ही शामिल हुए। दोनों पारियों में करीब 4 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यहां पहली पारी में 2.02 और द्वितीय पारी में 2.05 प्रतिशत उपस्थिति रही। वहीं दौसा जिले में उपस्थिति सर्वाधिक रही। यहां 12 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पारी में 8755 और द्वितीय पारी में 8747 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दोनों पारियों में उपस्थिति क्रमश: 72.96 और 72.89 प्रतिशत रही।
नंगे पांव-बनियान में परीक्षा
आयोग ने पुरुषों के लिए आधी आस्तीन की शर्ट, टी-शर्ट, कुर्ता, पेंट-पायजामा और महिला के लिए सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता-ब्लाउज, हवाई चप्पल/स्लीपर पहननी जरूरी की थी। कई पुरुष अभ्यर्थी पूरी बांह की शर्ट पहनकर आ गए। परीक्षा केंद्रों पर इनको शर्ट उतारकर बनियान में परीक्षा देनी पड़ी। कइयों ने तत्काल रिश्तेदारों, मित्रों को बुलाकर टी-शर्ट का बंदोबस्त किया।
उतारने पड़े साजो-सामान
महिलाओं को बालों में सिर्फ साधारण रबर बैंड लगाने और लाख/कांच की पतली चूडिय़ां पहनने की इजाजत दी गई। कई महिलाएं सोने की चेन, ईयर रिंग, कड़ा, पायजेब, अंगूठी, ब्रेसलेट, फैशन वाले बटन और अन्य वस्तुएं पहनकर आई। केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मियों और स्टाफ ने उनसे यह सामान उतरवाया। कई महिलाओं ने सामान उतारकर पति, भाई अथवा रिश्तेदारों के सुपुर्द किया।
बाहर रखने पड़े सामान
रोक के बावजूद कई अभ्यर्थी अपने साथ घड़ी, मोबाइल, ईयर-फोन, पेजर, मोजे, धूप का चश्मा, बेल्ट, हैंड बैग, हेयर पिन, गंडा-ताबीज और अन्य सामान साथ लाए। पुलिसकर्मियों और केंद्राधीक्षकों-परीक्षकों ने यह सामान केंद्रों के बाहर रखवाया। इसकी एवज में कई केंद्रों और दुकानों पर मनमानी राशि वसूली गई। परीक्षा खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों को सामान लेने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।