अध्यक्ष की नियुक्ति या वरिष्ठ सदस्य को कार्यभार नहीं सौंपा तो सरकार और आयोग के लिए भर्ती परीक्षाएं कराना आसान नहीं होगा।
रक्तिम तिवारी/अजमेर।
राजस्थान लोक सेवा आयोग की परेशानी बढ़ सकती है। अध्यक्ष डॉ. आर. एस. गर्ग का कार्यकाल 2 मई को खत्म होगा। पिछली बार की तरह सरकार ने नए अध्यक्ष की नियुक्ति या वरिष्ठ सदस्य को कार्यभार नहीं सौंपा तो सरकार और आयोग के लिए भर्ती परीक्षाएं कराना आसान नहीं होगा।
आयोग अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम गर्ग ने बीते साल 18 दिसम्बर को कार्यभार सम्भाला था। आयोग के नियमानुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से डॉ. गर्ग का कार्यकाल 2 मई को पूरा हो जाएगा। ऐसे में आयोग के लिए कई परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
सदस्यों के दो पद रिक्त
आयोग में मौजूदा समय डॉ. आर. डी. सैनी, के. आर. बागडिय़ा, राजकुमारी गुर्जर, श्याम सिंह राठौड़ और सुरजीतलाल मीणा सदस्य हैं। एक पद तत्कालीन सदस्य श्यामसुंदर शर्मा के अध्यक्ष बनने के बाद रिक्त हुआ था। दूसरे सदस्य एच. के. खींचड़ का कार्यकाल बीते वर्ष 5 मार्च को ही खत्म हो चुका है। इनके स्थान पर भी सरकार को दो सदस्यों के अलावा नए अध्यक्ष की नियुक्ति भी करनी होगी।
सिर्फ भर्तियों के विज्ञापन
आयोग ने करीब सात-आठ महीने बाद भर्तियों के विज्ञापन जारी करने शुरू किए हैं। डॉ. गर्ग का कार्यकाल महज 24 दिन का है। उनके कार्यकाल में मौजूदा भर्तियों में से कोई परीक्षा कराना या परिणाम निकालना मुश्किल है। उनके बाद नियुक्त होने वाले स्थायी या कार्यवाहक अध्यक्ष को ही यह जिम्मेदारी संभालनी होगी। इसी साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में सभी भर्तियां कराकर परिणाम निकालना और नियुक्तियां देना आयोग के लिए आसान नहीं है।
अब तक नहीं कोई महिला चेयरमेन
आरपीएससी के गठन के बाद से कोई महिला चेयरमेन नहीं बनी है। जबकि राजस्थान में महिलाएं मुख्यमंत्री, राज्यपाल, विधानसभाध्यक्ष, केबिनेट और राज्यमंत्री जैसे ऊंचे ओहदों पर पहुंच चुकी हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग में महिला को अध्यक्ष बनाने में ना कांग्रेस ना भाजपा सरकार ने रुचि दिखाई है। अब तक पुरुष ही अध्यक्ष बनते आए हैं।