RPSC का अजीबोगरीब मजाक, इंटरव्यू से पहले ही अभ्यर्थियों को बताया अपात्र

तकनीकी शिक्षा विभाग में व्याख्याता भर्ती परीक्षा

2 min read
Aug 07, 2016
RPSC

राजस्थान लोक सेवा आयोग ने तकनीकी शिक्षा विभाग में व्याख्याता भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों के साथ अजीब मजाक किया है। करीब 50 से अधिक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण करने और साक्षात्कार में आमंत्रित करने के बाद अपात्र घोषित कर बैरंग लौटा दिया गया। अभ्यर्थी अब न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

आयोग की ओर से वर्ष-2011 में सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञप्ति निकाली गई थी। सहायक अनुसंधान अधिकारी में शैक्षणिक योग्यता रसायन विज्ञान में द्वितीय श्रेणी से एमएससी, मृदा विज्ञान में द्वितीय श्रेणी से एमएससी, एमएससी कृषि निर्धारित की गई।

आयोग की ओर से निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के आधार पर रसायन विज्ञान और मृदा विज्ञान में द्वितीय श्रेणी से एमएमसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन दाखिल किया। ऑनलाइन आवेदन स्वीकृत करने के बाद आयोग ने गत दिनों ऑनलाइन परीक्षा भी आयोजित की जिसमें रसायन विज्ञान के अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने का मौका दिया गया।

ऑनलाइन संवीक्षा परीक्षा के परिणाम में भी रसायन विज्ञान के अभ्यर्थियों को वरीयता सूची में शामिल करते हुए साक्षात्कार के लिए पात्र घोषित किया गया। रसायन विज्ञान में एमएमसी अभ्यर्थी सुविधा सुधा 4 अगस्त को सहायक कृषि अनुसंधान अइधकारी साक्षात्कार देने आयोग पहुंची।

आयोग में उनके दस्तावेजों की जांच कर विस्तृत आवेदन पत्र भी भराया गया। साक्षात्कार का समय आने पर उन्हें कृषि में एमएससी नहीं होना बताते हुए भर्ती के लिए अपात्र घोषित करते हुए साक्षात्कार से वंचित कर दिया गया। सुविधा सुधा की तर्ज पर ही आयोग ने पचास से अधिक अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया है।

फैक्ट फाइल

- 30 जुलाई 2013 को भर्ती की विज्ञप्ति जारी

- सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी के 28 पद

- 14 सितम्बर 2014 को हुई परीक्षा

- 2 मार्च 2015 को परीक्षा परिणाम

- 212 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए पात्र घोषित किया- 1 से 5 अगस्त 2016 तक साक्षात्कार हुए

Published on:
07 Aug 2016 08:32 am
Also Read
View All