
Accident : File PIC
यदि आप सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति की मदद करते हैं और उसे समय पर अस्पताल पहुँचाते हैं, तो सरकार आपको ₹25,000 का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगी। अक्सर लोग पुलिसिया कार्रवाई और कोर्ट-कचहरी के डर से घायलों की मदद करने से कतराते थे, लेकिन अब सरकार ने इन सभी बाधाओं को जड़ से खत्म कर दिया है।
राह-वीर योजना (Raah-Veer Scheme) के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 'गोल्डन ऑवर' (पहले 1 घंटे) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले मददगार को भारत सरकार ₹25,000 का नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देती है। यह योजना नेक नागरिकों को कानूनी और पुलिसिया डर से मुक्त कर मदद के लिए प्रोत्साहित करती है।
चिकित्सा विज्ञान में सड़क हादसे के बाद के पहले 60 मिनट को 'गोल्डन ऑवर' (Golden Hour) कहा जाता है।
राह-वीर योजना (Raah-Veer Scheme) के तहत सहायता राशि ₹25,000 है।
राजस्थान में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को 'गोल्डन आवर' (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल पहुँचाने वाले 'भले व्यक्ति' को ₹10,000 की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करती है। यह योजना सड़क मौतों को कम करने के लिए शुरू की गई है।
लाभार्थी को केवल एक ही योजना का पुरस्कार मिल सकता है, दोनों का नहीं।
नियम के अनुसार, किसी भी एक सड़क दुर्घटना के लिए "One Incident, One Reward" का सिद्धांत लागू होता है। चूंकि दोनों योजनाओं का उद्देश्य एक ही है—'घायल की जान बचाना', इसलिए एक ही नेक काम के लिए दो अलग-अलग सरकारी कोषों (केंद्र और राज्य) से राशि नहीं ली जा सकती।
राजस्थान में 'मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना' को केंद्र की 'गुड सेमेरिटन' (Good Samaritan) योजना के साथ इंटीग्रेट (एकीकृत) कर दिया गया है। वर्तमान में राजस्थान सरकार ने अपनी योजना के तहत राशि को बढ़ा दिया है ताकि वह केंद्र की योजना के समकक्ष या उससे बेहतर रहे।
जब आप राजस्थान में किसी घायल की मदद करते हैं, तो राज्य का चिकित्सा विभाग (CMHO कार्यालय) ही आपके आवेदन को प्रोसेस करता है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि आपको राज्य की योजना के तहत लाभ मिले।
अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन यह तय करता है कि किस फंड से भुगतान किया जाएगा।
नियम: यदि राज्य की योजना में राशि अधिक है, तो प्रशासन हमेशा राज्य की योजना को प्राथमिकता देता है ताकि मददगार को अधिकतम लाभ मिल सके।
Published on:
27 Apr 2026 11:25 am
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