यह फार्मूला ज्यादा कामयाब नहीं हुआ था। इसके चलते आयोग सिर्फ जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ही परीक्षाएं कराएगा।
रक्तिम तिवारी/अजमेर।
राजस्थान लोक सेवा आयोग अब आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाओं सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं के लिए अलग से सलाहकार और सतर्कता अधिकारी की नियुक्ति जैसी व्यवस्थाओं पर नहीं चलेगा। पूर्व अध्यक्ष ललित के पंवार का यह फार्मूला ज्यादा कामयाब नहीं हुआ था। इसके चलते आयोग सिर्फ जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ही परीक्षाएं कराएगा।
वर्ष 1949 में राजस्थान लोक सेवा आयोग सेवा का गठन किया गया था। इसका कार्य निर्धारण राजस्थान लोक सेवा आयोग नियम एवं शर्तें 1963, राजस्थान लोक सेवा आयोग ( शर्तें एवं प्रक्रिया का मान्यकरण अध्यादेश -1975, नियम-1976) के तहत हुआ है। सरकार के निर्देश पर आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाओं सहित विभिन्न सरकारी महकमों की भर्तियां कराता है। परीक्षाओं का संचालन जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से होता है।
किए थे सतर्कता अधिकारी नियुक्त
पूर्व अध्यक्ष ललित के पंवार ने वर्ष 2015-16 में एक नई परिपाटी शुरू की थी। उन्होंने परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त आईपीएस बहादुर सिंह राठौड़ को सतर्कता अधिकारी नियुक्त किया। राठौड़ के नेतृत्व में प्रदेश में कुछ अन्य सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को भी कामकाज दिया गया। इसके अलावा पंवार ने पूर्व सदस्य के. एल. बेरवाल को भी आयोग में बतौर सलाहकार नियुक्त किया।
कामयाब नहीं हुई थी व्यवस्था
पंवार द्वारा नियुक्ति अधिकारियों के नेतृत्व में एकाध प्रतियोगी परीक्षाएं हुई, लेकिन व्यवस्था खास कामयाब नहीं हो पाई। ऐसे में सलाहकार और सतर्कता अधिकारी की नियुक्तियों पर ही सवाल खड़े हो गए। ऐसे में इनकी सेवाएं लेने का औचित्य नहीं रह गया। लिहाजा राठौड़ और बेरवाल वापस चले गए।
लेंगे सिर्फ प्रशासनिक सहयोग
आयोग ने नाकामयाब प्रयोग से सबक लिया। पिछले साल हुई बड़ी परीक्षाओं में किसी सलाहकार अथवा सतर्कता अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई। साल 2018 में आयोग को 18 हजार से ज्यादा भर्तियां करनी हैं। लिहाजा आयोग सिर्फ सभी 33 जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य सरकारी मशीनरी के सहयोग से ही परीक्षाएं कराएगा।
यह करानी हैं भर्तियां
माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक (माध्यमिक विद्यालय) के 1200, सहायक सांख्यिकी अधिकारी-201 पद पर भर्ती करानी है। इसी तरह आरएएस एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती)-2018 के तहत 75 आरएएस, 34 आरपीएस सहित कुल 405 पदों पर भर्ती होगी। अधीनस्थ सेवा के लिए 575 पदों पर भर्ती की जाएगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी में सहायक अभियंता सिविल के 225, सहायक अभियंता (यांत्रिकी/विद्युत) के 74 पद, सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता (सिविल) के 307 पद सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक, महिला अधिकारिता विभाग में संरक्षण अधिकारी, राजस्थान तकनीकी प्रशिक्षण अधीनस्थ सेवा नियम-1975 के तहत समूह अनुदेशक/सर्वेयर/सगायक शिक्षुता सलाहकार ग्रुप-द्वितीय और राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती सेवा)-2018 और अन्य