25 किलोवाट के प्लांट पर खर्च हुए थे 54 लाख रुपए, प्रतिमाह लाखों रुपए का आता है बिजली का बिल
भूपेन्द्र सिंह अजमेर
अजमेर. सौर ऊर्जा के जरिए विद्युत उत्पादन करने तथा बिजली का बिल कम करने के लिए राजस्व मंडल revenue board की छत पर स्थापित सोलर प्लांट solar plant हटा दिया गया है। इसके लिए इसकी बैट्रियों battery का खराब होना बताया जा रहा है। बैट्रियों को ठीक करवाने की बजाय मंडल प्रशासन ने प्लांट हटाना ही बेहतर समझा।
राज्य सरकार ने वर्ष 2012 में बैट्री बैकअप के साथ चार प्लांट लगाए थे इनमें तीन जयपुर व एक राजस्व मंडल अजमेर में लगाए गए थे। राजस्व मंडल की छत पर 54 लाख रुपए खर्च कर बैट्री बैकअप के साथ 25 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया था। इसकी खासियत यह थी कि सूरज की रोशनी से बनने वाली बिजली का उपयोग करने के साथ ही बिजली को स्टोर भी किया जा सकता था। इसका उपयोग रात्रि में भी किया जा सकता था। बैट्रियां खराब होने के कारण इसे 2017 में हटा दिया गया है। सोलर प्लांट के लिए लगाए गए कई एंगल व पैनल गायब हो रहे हैं। हटाए गए पैनल भी अब काम नहीं आएंगे। राजस्व मंडल में लगाई गई सोलर लाइटें भी बंद पड़ी हैं।
अब 100 किलोवाट का प्लांट लगाने की तैयारी
राजस्व मंडल ने अब सार्वजनिक निर्माण विभाग को मंडल में बिना बैट्री 100 किलोवाट के ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। बीएफसी में इसकी मंजूरी जारी हो गई है। नए प्लांट में 330 वाट की सोलर प्लेट लगाई जाएगी। जबकि पुराने प्लांट में 220 वाट की प्लेट ही लगी हुई थी। इस प्लांट से बनने वाली बिजली ग्रिड को भेजी जाएगी। नेट मीटरिंग के जरिए विद्युत उत्पादन व उपयोग का अंतर निकाला जाएगा। इसके बाद बिजली का बिल जारी होगा।
लाखों में आता है बिल
राजस्व मंडल में प्रतिमाह लाखों रुपए का बिल आता है। सर्दियों में 2 लाख तथा सर्दियों में बिल 4 लाख रुपए तक आता है। सोलर प्लांट लगा होने पर बिल की राशि कम आती थी।
निर्माण कार्य के चलते हटाया
राजस्व मंडल की प्रथम मंजिल की छत पर प्लांट लगाया था। इस पर द्वितीय मंजिल का निर्माण होना था इसके कारण प्लांट हटाया गया है। पैनल व एंगल सुरक्षित रखवाए गए हैं इन्हें पुन: लगाया जाएगा। बैट्री की मरम्मत के लिए सरकार को पत्र लिखा गया था। लेकिन खर्च अधिक आ रहा था इसलिए अब नई बैट्री लगाने का निर्णय किया गया है।
-विनीता श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार राजस्व मंडल अजमेर