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अजमेर.
सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में मतदान के दौरान कई रंग देखने को मिले। पुष्कर से आए मधुसूदन पाराशर और हर्ष पाराशर कुर्ते-पायजामे में धूप का चश्मा पहनकर आए। दोनों माथे पर सफेद चंदन-तिलक लगाकर वोट देने पहुंचे। निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष शिवप्रकाश गुर्जर ने दोनों से हाथ मिलाया और उन्हें मतदान स्थल तक लेकर पहुंचे।
प्रभु की शरण में प्रत्याशी
चुनाव से पहले और मतदान खत्म होने के बाद प्रत्याशियों ने भगवान को धोक लगाई। किसी ने रामदेवरा जातरुओं के लिए बने पांडाल में हाथ जोड़े तो किसी ने मंदिर में जाकर नारियल और लड्डू चढ़ाए। प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थक और छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
फर्जी मतदान करने पहुंची छात्राएं
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में दो छात्राएं फर्जी मतदान करने पहुंच गई। दोनों पहले वोट डाल चुकी थीं। दोबारा वोट डालने पहुंचने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, डीन छात्र कल्याण और शिक्षकों ने तत्काल उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ और जांच में छात्राओं के वोट डालने की पुष्टि हो गई। छात्राओं के भविष्य को देखते हुए पुलिस में कोई शिकायत नहीं की गई।
पहले थे अंदर, बाद में किया बाहर
जीसीए में करीब 9 बजे तक प्रत्याशी और उनके समर्थक महाराणा प्रताप ऑडिटेरियम के आसपास मंडराते रहे। वे मतदाताओं को वोट डालने की अपील करते देखे। उन्हें पूरे परिसर में घूमता देखकर शिक्षकों ने सभी प्रत्याशियों को ब्यावर रोड मुख्य द्वार के बाहर भेज दिया। यहां भी पुलिस ने बेरीकेड लगाकर उन्हें एकतरफ खड़ा कर दिया।
परिसर से निकाला प्रत्याशियों को
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में एनएसयूआई, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और निर्दलीय प्रत्याशी परिसर में घूमकर वोट देने की अपील कर रहे थे। मजिस्ट्रेट भगवत सिंह राठौड़ ने सभी प्रत्याशियों को तत्काल परिसर से बाहर निकालने के आदेश दिए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को सिर्फ मतदाताओं को ही अंदर भेजने की हिदायत दी।
उतरवाए गले से दुपट्टे
एसपीसी-जीसीए और अन्य संस्थाओं में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कुछ छात्र-छात्राएं गले में केसरिया दुपट्टा पहनकर घूम रहे थे। पुलिसकर्मियों और मुख्य द्वार पर तैनात शिक्षकों ने उन्हें दुपट्टे उतारने को कहा। कुछेक छात्रों ने विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने सख्ती से दुपट्टे उतरवा लिए।
चौराहे पर रोका छात्रों को
विश्वविद्यालय और लॉ कॉलेज के छात्रों, प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को पुलिस ने परिसरों के आसपास से आगे नहीं बढऩे दिया। विश्वविद्यालय के बाहर मंगलम भवन और लॉ कॉलेज में छात्रों को कायड़ चौराहे से ही वापस लौटा दिया गया। इसके बावजूद छात्र मुख्य द्वार और आसपास के इलाके में मंडराते रहे।
करते रहे हार-जीत के दावे
मतदान खत्म होने के बाद एनएसयूआई, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता और पदाधिकारी जीत-हारे के दावे करते रहे। पालबीचला स्थित गढ़वाल पैलेस, सेंट मेरीज चर्च, आदर्श नगर-रामगंज, कायड़ रोड चौराहा और पुष्कर रोड स्थित चुनाव कार्यालयों पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ जुटी। देर शाम तक संस्थानों में हुए मतदान के आधार पर छात्र संगठनों के पदाधिकारी, प्रत्याशी अपनी रणनीति, कामकाज और अन्य मुद्दों पर चर्चा करते रहे।
गुटबाजी और बागियों से खतरा..
चुनाव में एनएसयूआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में जबरदस्त गुटबाजी नजर आई। टिकट कटने से नाराज छात्र-छात्राओं ने इस बार बगावत कर दी। बागी और निर्दलीय प्रत्याशियों से दोनों संगठनों के अधिकृत प्रत्याशी परेशान दिखे। हालांकि मीडिया से बातचीत में दोनों छात्र संगठनों के पदाधिकारी बागियों की नाराजगी को नकारते रहे।