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सोनम राणावत/अजमेर.न थके कभी पैर, न कभी हिम्मत हारी है....जज्बा है परिर्वतन का, इसलिए सफर जारी है। इस तरह के नारे लगाते तो हम सभी ने कुछ समय पहले तक स्टूडेंट्स को छात्र संघ चुनाव के प्रचार-प्रसार के दौरान देखा था लेकिन अब ये नारे लगाने का फैशन पुराना हो गया है। स्टूडेंट्स ने अब राजनीति के तरीके को भी डिफरेन्ट बना दिया है। अब छात्र नेता नये नये स्लोगन व अपने मैसेजस के माध्ययम से वोट बटोरने की राजनीति करते नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं व्हाट्सएप स्टेटस, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर इन स्लोगन्स को पोस्ट कर स्टूडेंट्स से वोट अपील कर रहे हैं।
इस तरह के स्लोगन्स हो रहे चर्चित
-राजनीति के रंगमंचों पर कठपुतली समझ बैठे, मुक्कों की बौछारों में दुश्मन सैंकड़ों रण लेटे।
-निर्भीक हो आवाज उठे, इस बार ये मौसम बदलेगा, सच का परचम लहरेगा। -जिगरा बड़ा था इसलिए टकराने आ गए, जंगल में शिकारी फिर पुराने आ गए-हो जावेली झूठ की माटी, सोनो बणेलों सांच को-थे सब मिलकर बटन दबाओ , बैलेट नं ....को
-तुम जलन बरकरार रखो, हम जलवा बरकरार रखेंगे।
-उफान उठे अब जोश उठे, गुबार उठे इन वोटों का, -रणभेरी अब यूं बोल रही, सहयोग मिले सब लोगों का-इतिहास बदलकर रख देंगे, भ्रम न पालो दुर्जन बल
-ऊंचे तख्तों पर बैठ गए पर सिंहासन अब के डोलेगा -गलियां तुम्हारी होगी पर जश्न हमारा होगा, दंगल तुम्हारा होगा पर अध्यक्ष हमारा होगा।
बल्क मैसेज व पोस्ट टेगिंग
चुनाव से एक दिन पहले तक प्रचार प्रसार कहने को तो बंद हो गया है, लेकिन सोशल साइट्स पर प्रचार अभी भी जारी है। स्टूडेंट्स अभी भी फेसबुक व इंस्टा पर एक साथ बल्क मैसेज व पोस्ट टेगिंग के माध्यम से वोटर्स को अट्रेक्ट कर वोट अपील करने के साथ ही पार्टी विशेष से जुडऩे की सलाह भी दे रहे हैं।
फोटोकॉट व फनी मैसेज ट्रोल
हाथ जोड़े, नेहरू कुर्ता व जैकेट पहने स्टाइलिश फोटो क्लिक करवाकर उनपर लिखे मैसेज से भी स्टूडेंट्स प्रचार कर रहे हैं। इन दिनों सोशल साइट्स पर फोटोकॉट व फनी मैसेज काफी ट्रोल कर रहे हैं।