
अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में नवें दीक्षान्त समारोह पर असमंजस कायम है। पिछले दस महीने से समारोह अटका हुआ है। हालांकि कुलपति के कामकाज पर रोक हटने के बाद ही विश्वविद्यालय समारोह करा सकता है।
विश्वविद्यालय का नवां दीक्षान्त समारोह 1 अगस्त को होना प्रस्तावित था। इसमें कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व चेयरमेन अनिल खंडेलवाल को बुलाया जाना प्रस्तावित था। इसी दौरान 21 जुलाई को तत्कालीन कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली का निधन हो गया। इसके चलते राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने समारोह स्थगित कर दिया। तबसे दस महीने बीत चुके हैं।
पूछा था राजभवन ने
राजभवन ने जनवरी में दीक्षान्त समारोह को लेकर पूछताछ की थी। इसके चलते प्रशासन समारोह की तैयारी में जुटा भी था। लेकिन कुछ हो नहीं पाया। हालां कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों समेत राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से स्मारिक मंगवाई गई थी।
यूं अटका मामला
राज्यपाल कल्याण सिंह ने बीते साल 6 अक्टूबर को प्रो. आर. पी. सिंह को विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया था. उन्होंने उसी दिन पदभार भी संभाल लिया। लेकिन 11 अक्टूबर को राजस्थान हाईकोर्ट ने लक्ष्मीनारायण बैरवा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कुलपति के कामकाज पर रोक लगा दी। रोक की अवधि बढ़ते-बढ़ते 20 मई तक पहुंच चुकी है।
अब तक हुए दीक्षान्त समारोह और अतिथि
1997-98-पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
1998-99-नानाजी देशमुख
2001-02-जस्टिस लक्ष्मणनन
2004-पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील (तब राज्यपाल) एवं मुरली मनोहर जोशी
2009-पूर्व विदेश मंत्री कर्ण सिंह एवं राज्यपाल एस. के. सिंह
2015-राज्यपाल कल्याण सिंह
2016-राज्यपाल कल्याण सिंह
2017-राज्यपाल कल्याण सिंह एवं कैलाश सत्यार्थी