
India-China Border Clash: सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन ने कहा कि चीन आए दिन भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करता रहता है। भारतीय सैनिकों से झड़प की खबरें आती रहती हैं। हमें गर्व है कि हमारी सेना के शूरवीर उसे कामयाब नहीं होने देते। चीन की रोज़-रोज़ की इस नापाक हरकत पर विराम लगाने के लिए ज़रूरी है कि भारत चीन को भी बालाकोट जैसा सबक़ सिखाए।
उन्होंने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति और मधुर सम्बंध पर ज़ोर देता रहा है, लेकिन पड़ोसी देश भारत के इस व्यवहार को कमजोरी नहीं समझें। आज भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करने में किसी भी हद तक जा सकता है, जिसकी जीती जागती मिसाल दुनिया के सामने बालाकोट है।
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चीन को भी अपनी नापाक हरकतों से बाज़ आना होगा, नहीं तो वो यह ध्यान रखे कि यह नया भारत है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है अपनी सेना पर जो सीमा पर डटी रहती है, जिससे कि हम आराम से सो सकें। उन्होंने कहा कि वह तवांग में तैनात भारतीय सैनिकों को सलाम करते हैं जिन्होंने चीनी सेना को सही सबक़ सिखाकर खदेड़ दिया। हमारी दुआएं हमेशा शूरवीर सैनिकों के साथ हैं, पूरा देश भारत की सेना के साथ खड़ा है।