
8 बजे बिकती शराब (फोटो: पत्रिका)
Patrika Sting News: किशनगढ़-ब्यावर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 की सर्विस लेन पर रात 8 बजे के बाद शराब की बिक्री पर रोक केवल सरकारी कागजों तक सीमित है। राजस्थान पत्रिका की स्टिंग टीम ने रविवार रात 9 से 11 बजे के बीच आदर्शनगर, परबतपुरा चौराहा, परबतपुरा रेलवे फाटक, परबतपुरा इंडस्ट्रियल एरिया और सेंदरिया चौराहे के आसपास संचालित शराब की दुकानों का जायजा लिया। यहां शटर बंद होने के बावजूद ‘चोर खिड़कियों’ से धड़ल्ले से शराब बेची जा रही थी। ग्राहक दुकानों के बाहर लगे क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर रहे थे और सेल्समैन बेखौफ होकर बिक्री में जुटे नजर आए। इतना ही नहीं देर रात की बिक्री पर ‘ईमानदारी’ से प्रति बोतल 10 रुपए अतिरिक्त भी वसूले जा रहे थे।
पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि कुछ दुकानें तो पुलिस थानों और प्रमुख चौराहों के बेहद करीब है, इसके बावजूद आबकारी विभाग या पुलिस कार्रवाई का कोई डर दिखा।
केस-1 : शटर आधा गिरा, फिर शुरू हो गई बिक्री
अजमेर जिले के परबतपुरा बाइपास स्थित शराब की दुकान पर रात करीब 9 बजे शटर आधा खुला था और ग्राहक क्यूआर कोड स्कैन करके शराब खरीद रहे थे। पत्रिका टीम के पहुंचते ही सेल्समैन ने आपत्ति जताई, लाइट बंद कर शटर गिरा दिया लेकिन कुछ देर बाद फिर लाइट जलाकर बिक्री शुरू कर दी।
केस-2 : पीछे की खिड़की से चलता रहा कारोबार
परबतपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित दुकान सामने से तो बंद दिखाई दी लेकिन अंदर और बाहर लाइट जली मिली। दुकान के पीछे बनी खिड़की से शराब की बिक्री जारी रही। भुगतान डिजिटल माध्यम से लिया जा रहा था।
केस-3 : तय कीमत से ज्यादा वसूली
सेंदरिया चौराहे के पास स्थित शराब दुकान पर रात करीब साढ़े 9 बजे खुलेआम बिक्री होती मिली। पत्रिका टीम ने सेल्समैन से बात की तो बोला कि '8 बजे बाद प्रति बोतल 10 रुपए अधिक लगेंगे और पेमेंट QR कोड से हो जाएगा।' एक पुलिस अधिकारी भी यहां एक बालक के माध्यम से शराब मंगवाते नजर आए।
केस-4 : एग सेंटर की आड़, खिड़की से सप्लाई
परबतपुरा चौराहा और रेलवे फाटक के बीच स्थित शराब की दुकान पर रात करीब 10 बजे तक बिक्री जारी रही। बगल में स्थित एग सेंटर की आड़ में बनी 'चोर खिड़की' से ग्राहकों को शराब दी जा रही थी। बाहर लगे क्यूआर कोड से भुगतान लिया गया।
Updated on:
20 Jul 2026 10:52 am
Published on:
20 Jul 2026 10:52 am
