अजमेर वैशाखी माह में सूर्य देव भीषण गर्मी आसमान से बरसती है जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है
अजमेर वैशाखी मास में सूर्य देव आसमान से अग्नि बरसाते हैं जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है इंसान के अलावा पशु पक्षी जानवर भी गर्मी से परेशान हो जाते हैं । वाहन चालक खुद भी और अपने बच्चों को भी मुंह पर कपड़ा बांधकर गर्म हवाओं से अपने बच्चों को बचाते हैं।
सुबह सूरज निकलते ही गर्मी ने सताना शुरू कर दिया। दोपहर तक धूप में तीखापन और गर्माहट बढ़ गई। लोग छायादार स्थानों पर बैठे नजर आए। सडक़ों पर भी ज्यादा चहल-पहल नहीं रही। शाम तक धूप के तीखेपन ने परेशान किया। न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री रहा।
फिर उबलने लगा पारा
पिछले दिनों तेज हवाओं संग धूल उडऩे से गर्मी के तेवर कुछ ढीले हुए थे। लेकिन इस सप्ताह की शुरुआत होते ही पारा फिर उबलने लगा है। पिछले दो-तीन से पारा 37 से 39 डिग्री के बीच बना हुआ है। मालूम हो कि वर्ष 2016 में 19 मई सबसे गर्म दिन था। इस दिन अजमेर में अधिकतम तापमान पचास साल का रिकॉर्ड तोडकऱ 46.2 डिग्री तक पहुंच गया था।
पिछले दिनों में पारा
21-36.0
22-37.0